जम्मू, राज्य ब्यूरो : कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए लॉकडाउन क्या हुआ, इससे विद्यार्थियों में बिना कोचिंग के पढ़ने की आदत पड़ गई। किताबों के साथ विद्यार्थियों का अधिक समय बीतने लगा। विद्यार्थियों के इस स्व अध्ययन से उनमें अब अधिक आत्मविश्वास पैदा हो रहा है। पढ़ाई में आत्मनिर्भर हो रहे हैं। हां, जरूरत पड़ने पर विद्यार्थी ई-लाइब्रेरी का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन किताबों के अधिक पन्ने पलटना उनके लिए बड़े फायदे का सौदा बन गया है। यहां तब कि अगर उनके पास किताब नहीं है तो पड़ोस या पास में रहने वाले अन्य विद्यार्थियों से किताबों की अदला-बदली भी हो रही है।

कोरोना के संक्रमण काल में पढ़ाई का तरीका बदलने लगा है। अमूमन समूहों में बैठकर आपसी विचार-विमर्श करते हुए पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों का भी मन अब अकेले पढ़ने में रम गया है। इस एकांत में अब और अधिक गहनता से पढ़ाई होने लगी है।

शुरुआत में विद्यार्थियों को जरूर जरूरत महसूस हुई कि वह किसी टॉपिक पर अब किससे मदद लें, लेकिन उन्होंने खुद ही इसका तोड़ निकाला। किताबों और ई-लाइब्रेरी के सागर से खुद की पढ़ाई के वह रत्न निकाले, जिन्हें जिसके बारे में वह जानना चाह रहे थे। दरअसल, कोचिंग सेंटरों में देर रात तक बिताने वाले युवाओं को अब पूरा दिन घर में पढ़ाई करनी पड़ रही है। प्रतिस्पर्धा की परीक्षा की तिथियां भले ही स्थगित हो चुकी हैं, लेकिन उन्होंने अपनी तैयारी नहीं छोड़ी है। टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई कर रहे हैं। जम्मू के युवा जम्मू विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी में तैयारी करते थे। सेंट्रल लाइब्रेरी में रेफरेंस के लिए उन्हें पुस्तकें उपलब्ध हो जाती थीं, लेकिन सब कुछ बंद है। जेईई मेन व नीट के अलावा जम्मू कश्मीर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट सहित अन्य तकनीकी कोर्सो के लिए भी तैयारियां चल रही हैं।

घर में पड़ी पुस्तकों का अध्ययन: जेईई मेन की तैयारी कर रहे भुवनेश का कहना है कि घर में पड़ी 12वीं कक्षा की पुस्तकों के अलावा कुछ पुरानी पुस्तकें पढ़ रहा हूं। जम्मू कश्मीर में नीट की परीक्षा देने वालों की संख्या औसतन 12 हजार व जेईई मेन देने वालों की संख्या 10 हजार से अधिक होती है। जम्मू कश्मीर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला के लिए 13 हजार से अधिक विद्यार्थी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट की परीक्षा देते हैं।

शिक्षण संस्थान 17 तक बंद: राज्य ब्यूरो, जम्मू : जम्मू कश्मीर में 17 मई 2020 तक सभी शिक्षण व प्रशिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। योजना, विकास व निगरानी विभाग के प्रमुख सचिव और सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। जम्मू कश्मीर सरकार का यह फैसला केंद्र सरकार के फैसले के बाद आया है। देशभर में पहला लॉकडाउन 25 मार्च को हुआ था, लेकिन कुछ दिन पहले ही राज्य में शिक्षण संस्थानों को बंद करने के आदेश दिए ल्गए थे।

ई-लाइब्रेरी में भी काफी कुछ उपलब्ध: जम्मू विवि के छात्र दीपक गुप्ता ने कहा कि जरूरी नहीं कि कोचिंग सेंटरों से ही पढ़ाई करके प्रतिस्पर्धा की परीक्षा को उत्तीर्ण की जा सकती हैं। घर में रहकर पर्याप्त समय मिल जाता है। ई-लाइब्रेरी में भी काफी कुछ उपलब्ध है। नीट की तैयारियों में जुटे सौरभ का कहना है कि माहौल को देखते हुए लगता है कि दो तीन महीने कोचिंग सेंटर नहीं खुलने वाले हैं। अगर कुछ समझ नहीं आता है तो हम दो तीन मित्र आपस में विचार विमर्श कर लेते हैं।

Posted By: Rahul Sharma

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