जम्मू, सुरेंद्र सिंह। स्टार प्लस के सीरियल इश्कजादे में प्रियंका सिंह ओबराय का किरदार निभाने वाली सुभा राजपूत आज बॉलीवुड में एक जाना-पहचाना नाम बन चुकी हैं। सुभा प्रतीक बब्बर के साथ फिल्म यारम के अलावा सनशाइन म्यूजिक टूर एंड ट्रेवल्स, होटल ब्यूटीफुल, 377 एबनार्मल और विदइन में बतौर मुख्य नायिका काम कर चुकी हैं। उनकी शार्ट मूवी इंदु और वो चिट्ठी भी काफी पसंद की गई है। सुभा की एक और फिल्म आने वाली है। उन्हें उम्मीद है कि वह अपने अभिनय के दम पर इंडस्ट्री में अपनी खास जगह बना लेंगी। जम्मू के सांबा में जन्मी सुभा कई बड़े ब्रांड के लिए विज्ञापनों में भी काम चुकी हैं, जिनमें शॉपिंग साइट मंत्र से लेकर स्पराइट, टाटा, एमेजन पे, टोक्यो लाइफ इंश्योरेंस, एडेलवेस, लेज आदि शामिल हैं। सुभा का कहना है कि उन्हें जिंदगी में ठहराव मंजूर नहीं है। सिर्फ पैसा कमाना मेरा उद्देश्य नहीं है बल्कि मैं जिंदगी के रंगों में खो जाना चाहती हूं।

कीबोर्ड छोड़ पकड़ी मुंबई की डगर

चंडीगढ़ से कंप्यूटर इंजीनियरिंग करने के बाद सुभा को एक मल्टीनेशनल कंपनी में अच्छे खासे पैकेज पर सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी मिली लेकिन छह महीने बाद ही उन्हें लगने लगा कि वह कंप्यूटर के की-बोर्ड में फंस कर रह गई हैं। उन्होंने बिना अपने मम्मी-पापा को बताए नौकरी छोड़ दी और सीधे अपने घर जम्मू आ गईं। डर भी था कि मम्मी-पापा गुस्सा करेंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। पापा ने कहा कि जो मन करे, वही काम करना। घर में भी उसे समझ नहीं आ रहा था कि उन्हें क्या करना है। यहां आकर शौकिया थियेटर शुरू किया तो लगा कि एक्टिंग से अगर कमाई भी हो जाए तो इससे बेहतर मेरे लिए कुछ नहीं है। बस मैंने अपने मन की बात पापा को बताई तो उन्होंने भी मेरा सामान बांधा और मुझे मुंबई भेज दिया। इसके बाद संघर्ष से कामयाबी मिलती रही।

छह महीने में घर से पैसे मांगना कर दिए थे बंद

मैं खुश किस्मत थी कि मुंबई में जल्दी ही मुझे काम मिलना शुरू हो गया। शुरू-शुरू में कुछ मॉडलिंग के मौके मिले। कई मैगजीन के लिए फोटो शूट करवाए। मुंबई में पहुंचने के छह महीने में बाद ही मैंने घर से पैसे मंगवाना बंद कर दिया। टीवी सीरियल्स के लिए कई ऑडिशन भी दिए थे और मुङो स्टार प्लस के सीरियल इश्कजादे में प्रियंका सिंह ओबराय का किरदार मिल गया। यह किरदार शर्मीली और डरपोक लड़की का था जो तीन भाइयों की बहन थी। लेकिन जैसा कि मैंने कहा कि मुझे जिंदगी में ठहराव मंजूर नहीं है। ऐसा ही मेरे किरदार के साथ हो रहा था। मेरे लिए उसमें नया करने को कुछ नहीं था। पैसे तो मिल रहे थे लेकिन संतुष्टि नहीं थी तो मैंने इस किरदार को छोड़ दिया। मेरे सीरियल छोड़ने से कई को झटका भी लगा लेकिन मुझे कुछ और करना था। विषम हालात में भी कभी भी हिम्मत नहीं हारी। सफलता के लिए कभी भी मेहनत से मुख नहीं मोड़ा।

भाग्यशाली हूं कि परिवार का पूरा साथ मिला

मैं राजपूत परिवार से हूं लेकिन मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं कि मुझे मेरे परिवार का पूरा साथ मिला। हम दो बहनें हैं। बड़ी बहन की शादी एयरफोर्स में अधिकारी के साथ हो गई है। मुंबई में मेरे जाने के फैसले पर परिवार के कुछ सदस्यों ने विरोध भी किया लेकिन पापा ने मेरा साथ दिया। वह बैंक में अधिकारी थे लेकिन उन्होंने कभी भी अपने सपने हम पर नहीं थोपे। मुंबई में मैंने कई मैगजीन व प्रोडक्ट के लिए मॉडलिंग से शुरुआत की। सुभा का कहना है कि उन्हें जम्मू में अपने परिवार के साथ रहना पसंद है। जब भी समय मिलता है वह अपने मम्मी-पापा के पास चली जाती हैं। इसके अलावा मेरा पूरी दुनिया को घूमने का सपना भी है लेकिन यह भी चाहती हूं कि इस दौरान मेरे दोस्त मेरे साथ हों। सुभा का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में भी युवाओं में प्रतिभा भरी पड़ी है। यदि लगन और कड़ी मेहनत की जाए तो सफलता अपने आप मिलेगी। कई कलाकारों ने इसे कर भी दिखाया है।

Posted By: Rahul Sharma

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