श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। कश्मीर में आतंकी हिंसा और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर घुसपैठ के बढ़ते प्रयासों से पैदा हालात के बीच अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) बी श्रीनिवास को जम्मू-कश्मीर पुलिस के खुफिया तंत्र का प्रमुख नियुक्त किया गया। उन्हें खुफिया तंत्र के लिहाज से विशेषज्ञ माना जाता है।

वह राज्य सीआइडी में एडीजीपी एजी मीर का स्थान लेंगे। मीर को एडीजीपी पुलिस मुख्यालय बनाया गया है। राज्य गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक वरिष्ठ आइपीएस बी श्रीनिवास राज्य सीआइडी विंग के नए एडीजीपी होंगे। राज्य में पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के सत्तासीन होने से पहले करीब पांच साल तक उन्होंने आइजी सीआइडी के रूप में राज्य के भीतर खुफिया तंत्र को मजबूत करते हुए कई आतंकी माड्यूल को नेस्तनाबूद करने के अलावा कई बड़ी आतंकी साजिशों को भी नाकाम बनाया है।

वर्ष 2015 में तत्कालीन पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार ने उन्हें सीआइडी विंग से हटाते हुए उनके स्थान पर 1994 बैच के आइपीएस एजी मीर को आइजी सीआइडी नियुक्तकिया था।वर्ष 2016 में कश्मीर में आतंकी बुरहान की मौत के बाद भड़की हिंसा और उसके बाद राज्य में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर जब भी नई दिल्ली में कोई बैठक हुई, उसमें स्थानीय खुफिया तंत्र की नाकामी का ही जिक्र होता था।

पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार के गिरने के बाद जब राज्यपाल ने रियासत में शासन की बागडोर संभाली तो राज्य सरकार ने केंद्र से बी श्रीनिवासन की केंद्र में प्रतिनियुक्ति को समाप्त कर उनकी सेवाएं पुन: जम्मू कश्मीर पुलिस को सौंपे जाने का आग्रह किया था।

राज्य से केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद वह सीमा सशस्त्र बल में आइजी पद पर नियुक्त हुए थे। केंद्र ने गत माह ही उनकी प्रतिनियुक्ति को समाप्त कर उनकी सेवाएं राज्य को सौंपी थी।

वर्ष 1990 बैच के राज्य कैडर के आइपीएस डॉ. बी श्रीनिवास ने बीते 28 सालों के दौरान जम्मू कश्मीर पुलिस में कई अहम पदों पर काम किया। वह आइजीपी कश्मीर रेंज पर भी रहे हैं और आइजीपी सीआईडी भी रहे। अपनी इसी योग्यता के कारण वह केंद्रीय खुफिया ब्यूरो के काउंटर टेरेरिज्म दल में भी एक अहम पद पर रहे है। 

Posted By: Preeti jha