श्रीनगर, जेएनएन। जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी हो रही है। मौसम में अचानक आए इस बदलाव ने घाटी में छह लोगों की जान ले ली। जिला कुपवाड़ा में हिमस्खलन की चपेट में आने से जहां पहले सेना के दो पोटरों व दो जवानों की भी मौत हो गइ वहीं  बर्फबारी के कारण प्रभावित हुई बिजली सप्लाई को दुरुस्त करते समय बिजली विभाग का एक कर्मचारी मंजूर अहमद करंट लगने से बुरी तरह से झुलस गया। करंट लगते ही वह बिजली के खम्भे से नीचे गिर गया और उसकी मौके पर हुई मौत हो गई। यही नहीं एक अन्य व्यक्ति की मौत उस समय हो गइ जब चिनार का पेड़ टूटकर उस पर आ गिरा। 

सूत्रों के अनुसार सेना के पोटरों की मृत्यु कल देर रात उस समय हुइ जब कुपवाड़ा में नियंत्रण के पास बना सेना का कैंप हिमस्खलन की चपेट में आ गया। वहां तैनात ये दोनों पोटर बर्फ में दब गए थे। ये दोनों पोटर स्थानीय बताए जा रहे हैं आैर इनकी पहचान मंजूर अहमद आैर इशाक खान के तौर पर हुइ है।

इसके अलावा हंदवाड़ा में आज सुबह दो जवान भी उस समय हिमस्खलन की चपेट में आ गए जब वे अपनी डयूटी दे रहे थे। उन्हें बचाने के लिए अभियान चलाया परंतु जब तक उन्हें बाहर निकाला गया तब तक काफी देर हो चुकी थी। दोनों जवानों की मौत हो चुकी थी। उनकी पहचान गनर अखिलेश कुमार पटेल आैर राइफलमैन भीम बहादुर पुन के तौर पर हुइ है। उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने दोनों जवानों की शहादत को सलाम करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों जवानों के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव भेज दिया गया है।

इसके अलावा बिजली ढांचे की मरम्मत करते हुए मारे गए लाइनमैन मंजूर अहमद के परिजनों को विभाग ने तत्काल अंतिम रस्मे अदा करने के लिए दो लाख का मुआवजा जारी किया है। श्रीनगर के ही हबाक इलाके में भी एक व्यक्ति की सुबह उस समय मौत हो गइ जब चिनार का पेड़ उस पर आ गिरा। स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ सीधा उसके सिर पर आ गिरा जिसके कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गइ। कस्बे में सुबह से ही बर्फबारी रही है। शहर की मुख्य सड़कों पर बर्फ इकट्ठा होने के कारण वाहनों का लंबा जाम लग गया है। लोगों को इसके कारण काफी परेशानी हो रही है।

मैदानी इलाकों में हो रही बारिश व घाटी में जारी बर्फबारी के कारण जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर भी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गइ है। जवाहर टनल के पार बर्फ के कारण सड़क पर फिसलन बढ़ गइ है। बारिश के कारण रामबल इलाके में भी भूस्खलन का डर बना हुआ है। एेसे में एहतियात के तौर पर जम्मू से घाटी जाने वाले आैर वहां से इस आेर आने वाले वाहनों को उधमपुर में ही रोक दिया गया है।

वहीं गुलमर्ग और सोनमर्ग समेत सभी उच्चपर्वतीय इलाकों में बर्फबारी व श्रीनगर में बारिश से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। जम्मू में भी जारी बारिश के कारण ठंड बढ़ गइ है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अगले दो दिन तक मौसम के तेवर इसी तरह तीखे रहेंगे। श्रीनगर हवाई अड्डा अधिकारी के अनुसार श्रीनगर हवाई अड्डे पर खराब दृश्यता और बर्फबारी के कारण, अब तक दो उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। भीड़भाड़ के कारण अन्य उड़ानें देरी से चल रही हैं।  भारी हिमपात से मुगल रोड़ और श्रीनगर-लेह राजमार्ग बंद है ।

जम्मू कश्मीर में बुधवार को मौसम ने करवट बदली और गुलमर्ग व सोनमर्ग समेत सभी उच्चपर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई। भारी हिमपात से जम्मू संभाग के राजौरी-पुंछ जिले को कश्मीर से जोड़ने वाला मुगल रोड़ और श्रीनगर-लेह राजमार्ग बंद हो गया है। इससे लद्दाख से सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है।

अलबत्ता, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सुचारू है। इस बीच, श्रीनगर में बारिश जारी रही। इसका असर जम्मू में भी नजर आया और दिनभर बादल छाए रहे। कुछ जगह हल्की बूंदाबादी भी हुई। मौसम में आए इस बदलाव से राज्य में ठंड बढ़ गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, आठ नवंबर तक मौसम के मिजाज तीखे रहेंगे। इस दौरान बर्फबारी व बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी संभावना है।कश्मीर में कई दिनों से मौसम शुष्क बना हुआ था। मंगलवार देर रात वादी में अधिकांश इलाकों में तेज हवा व बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। बुधवार तड़के मौसम के मिजाज और बिगड़ गए और ऊपरी इलाकों में हिमपात शुरू हो गया। गुलमर्ग में सात इंच, अफरवट में डेढ़ फीट, सोनमर्ग में डेढ़ फुट, साधनाटॉप में दो फुट और महागुंसटॉप में भी दो फुट बर्फ रिकॉर्ड की गई। देर शाम तक यह सिलसिला जारी था।

मौजूदा सर्दियों में वादी के उच्चपर्वतीय इलाकों में यह चौथा हिमपात है। इस बीच, श्रीनगर में बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 8 डिग्री सेल्सियस नीचे 8.2 व न्यूनतम 3.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।हिमस्खलन की चेतावनी, लोगों को सावधान रहने की सलाह :कश्मीर के उच्चपर्वतीय इलाकों बांडीपोरा, बारामुला, कुपवाड़ा, गांदरबल, बड़गाम, अनंतनाग व शोपियां में प्रशासन ने हिमस्खलन की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। साथ ही प्रशासन ने उक्त इलाकों में सड़कों से बर्फ हटाने के लिए मशीनों को तैयार रखा है। इन इलाकों में बिजली व पानी की आपूर्ति भी सुचारू रखने के प्रबंध किए गए हैं।

बर्फबारी से मुगल रोड़ बंद :

राजौरी-पुंछ को कश्मीर से जोड़ने वाले मुगल रोड़ पर मंगलवार रात पीर की गली से लेकर छत्तापानी तक जमकर बर्फबारी हुई। इस 15 किलोमीटर मार्ग पर प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग की टीम को बर्फ हटाने के कार्य में लगा रखा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश व बर्फबारी के कारण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। इससे राजौरी व पुंछ दोनों जिलों का संपर्क कश्मीर घाटी से कट गया है। बर्फबारी के कारण रात को फंसे सभी ट्रकों को सुरक्षित निकाल लिया गया। लोक निर्माण विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर कमलजीत का कहना है कि मार्ग पर 15 किलोमीटर तक बर्फ को हटाया गया था, लेकिन उसके बाद फिर से बर्फ गिरने व बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। उसके बाद फिर से बर्फ जम गई है और फिसलन भी काफी हो चुकी है। अब मौसम के साफ होने पर ही बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया जाएगा।

Posted By: Preeti jha

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