सड़कें बनीं दरिया, घरों में घुसा गंदा पानी; जम्मू में दो घंटे की बारिश ने बहाया स्मार्ट सिटी का दावा
जम्मू में दो घंटे की मूसलाधार बारिश ने स्मार्ट सिटी के दावों की पोल खोल दी, जिससे व्यापक जलभराव और ...और पढ़ें

जम्मू में बारिश बनी आफत, 200 घरों में जलभराव।
HighLights
दो घंटे की बारिश ने स्मार्ट सिटी के दावों को उजागर किया।
शहर में जलभराव से 200 घरों में गंदा पानी घुसा।
तालाब तिल्लो, पीरखोह सहित कई इलाकों में भारी नुकसान।
जागरण संवाददाता, जम्मू। कागजों पर संवरती स्मार्ट सिटी की हकीकत महज दो घंटे की तेज बारिश ने पूरी तरह बेनकाब कर दी। रविवार को हुई बारिश के बाद शहर के अधिकांश नाले उफान पर आ गए और जल निकासी की व्यवस्था चरमराने से निचले इलाकों की सड़कें दरिया और रिहायशी इलाके तालाब में तब्दील हो गए। शहर व आसपास के इलाकों में करीब 200 घरों में पानी घुसने से लोगों को नुकसान झेलना पड़ा। वार्ड 41 के तालाब तिल्लो में नहर के ओवरफ्लो होने से स्थिति सबसे ज्यादा बदतर नजर आई।
आसपास की सड़कें नाले का रूप ले चुकी थीं और दर्जनों घरों में एक से दो फुट तक गंदा पानी घुस गया। कई गाड़ियां पानी में फंसी रहीं। कुछ गाड़ियां पानी चढ़ने से दोबारा स्टार्ट नहीं हुईं तो चालक वहीं छोड़कर पानी कम होने का इंतजार करते रहे।
कॉमर्स कॉलेज के गेट के अंदर तक पानी भरा
वजीर लेन में दो से तीन फुट पानी चढ़ने से गली में खड़ी गाड़ियां पानी में डूब गईं। कृष्णा नगर मुख्य मार्ग पर करीब एक फुट पानी भरने से दोपहिया वाहन बंद पड़ गए और लंबा जाम लग गया। सबसे ज्यादा दिक्कत यहां कालेज में पेपर देने पहुंचे बच्चों को हुई, क्योंकि कामर्स कालेज के गेट के अंदर तक डेढ़-दो फुट पानी भर गया था।
घरों की चारदीवारी गिरी
नागबनी में नाला ओवरफ्लो होने से आधा दर्जन से ज्यादा घरों में पानी भर गया, जिससे घरेलू सामान का भारी नुकसान हुआ। इतना ही नहीं, यहां दो घरों की चारदीवारी भी गिर गई। नानक नगर नाले का गंदा पानी भी सड़कों से होता हुआ कुछ घरों में जा घुसा। नानक नगर में नाले किनारे बने एक मकान की चारदीवारी का एक हिस्सा गिर गया।
लोगों ने बाल्टियों से निकाला घरों में घुसा गंदा पानी
पांडुका कालोनी, उदयवाला, बन तालाब, लक्ष्मीपुरम, दुर्गा नगर, राजेंद्र नगर और भगवती नगर में भी करीब दो दर्जन घरों में पानी घुसने से लोग बाल्टियों से गंदा पानी बाहर निकालते नजर आए।
इसके अलावा लोअर रूपनगर, कबीर कालोनी, तोमाल, आंबेडकर नगर, त्रिकुटा नगर एक्सटेंशन, गंग्याल और डिग्याना में भी मुख्य सड़कों पर पानी ही पानी नजर आया, जहां तेज बहाव में हाल ही में बनी सड़कों की परतें तक बह गईं।
पीरखोह के श्रीराम मंदिर में दो फीट से ज्यादा पानी भरा
पीरखोह में भी नाला ओवरफ्लो होने से श्री राम मंदिर दरबार मंदिर में दो फुट से ज्यादा पानी जमा हो गया। आसपास के कुछ घरों में भी जलभराव हुआ। जलभराव के कारण घरों के अंदर व बरामदे में गंदगी ही गंदगी फैल गई।
रविवार को पावन नवरात्र भी शुरू हुए तो लोग घरों में पूजा-पाठ के चलते साफ-सफाई में पहले ही जुटे हुए थे, लेकिन इसके बाद काम बढ़ता चला गया। लोग शाम तक खराब हुए सामान को संभालने में लगे रहे। वहीं रविवार की छुट्टी के चलते नगर निगम के सफाई कर्मचारी भी सड़कों पर नहीं दिखे। पूरा दिन नालियों की गंदगी सड़कों पर फैली रही।
दो घंटे तक थमी रही रफ्तार
मूसलधार बारिश के दौरान शहर की रफ्तार करीब दो घंटे तक पूरी तरह थमी रही। लोग घरों में पानी भरने से बेबस रहे और प्रशासन का कोई भी अमला मौके पर राहत के लिए नहीं दिखा।
करीब 10.30 बजे बारिश कम होने के बाद जब पानी धीरे-धीरे उतरा, तब जाकर जिंदगी ने दोबारा रफ्तार पकड़ी, लेकिन पीछे छोड़ गई कीचड़ और गड्ढों ने प्रशासन के खोखले दावों की सच्चाई बयां कर दी।
लोगों ने जताया रोष
जलभराव से प्रभावित हुए लोगों ने जम्मू नगर निगम के खिलाफ रोष जताया। त्रिकुटा नगर एक्सटेंशन के सुभाष चौधरी, नानक नगर के सुरजीत सिंह, पीरखोह के सुनील मेहरा, तालाब तिल्लो के सुच्चा सिंह ने कहा कि दो घंटे की बारिश ने सारी तैयारियां धो दीं। नाले ओवरफ्लो हुए।
भारी नुकसान झेलना पड़ा, परंतु कोई अधिकारी सुध लेने नहीं आया। शुक्र यह हुआ कि बारिश थम गई, वरना और नुकसान झेलना पड़ता।
