वीजा दिलाने के नाम पर 2.30 लाख की ठगी, फर्जी जॉब ऑफर लेटर भी थमाया; जम्मू में भाई-बहन पर केस
क्राइम ब्रांच ईओडब्ल्यू जम्मू ने ऑस्ट्रेलिया वर्क वीजा दिलाने के नाम पर 2.30 लाख रुपये की ठगी करने वाले भाई-बहन ...और पढ़ें

ऑस्ट्रेलिया का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर 2.30 लाख की ठगी ।(फाइल फोटो)
HighLights
भाई-बहन ने ऑस्ट्रेलिया वर्क वीजा के नाम पर ठगी की।
फर्जी जॉब ऑफर लेटर देकर 2.30 लाख रुपये हड़पे।
क्राइम ब्रांच ने दोनों आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
जागरण संवाददाता, जम्मू। आस्ट्रेलिया का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर युवक के परिवार से 2.30 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में क्राइम ब्रांच की इकोनामिक आफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) जम्मू ने दो आरोपित भाई-बहन के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। आरोपितों की पहचान जानीपुर निवासी पूनम शर्मा और उसके भाई आकाश शर्मा के रूप में हुई है।
दोनों पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी और साजिश रचने समेत इमीग्रेशन एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
क्या है मामला?
मामला डिग्यािना निवासी जसपाल सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने अपने बेटे को आस्ट्रेलिया में वर्क वीजा दिलाने के लिए पूनम शर्मा को चेक के माध्यम से 2.30 लाख रुपये दिए थे। आरोप है कि पैसे लेने के बाद आरोपित ने विश्वास जीतने के लिए ऑस्ट्रेलिया की कंपनी ड्रिलफिट एनर्जी क्वींसलैंड के नाम से एक फर्जी जाब आफर लेटर भी उपलब्ध कराया।
जब पीड़ित परिवार को दस्तावेजों के आधार पर विश्वास हो गया तो आरोपितों की ओर से विदेश भेजने के नाम पर और रकम हासिल करने का प्रयास किया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता को संदेह हुआ और उसने मामले की शिकायत क्राइम ब्रांच से की।
2015 के बाद नहीं हुआ कंसल्टेंसी का वैध नवीनीकरण
जांच के दौरान क्राइम ब्रांच ने एमएस फ्यूचरिस्टिक एजुकेशन कंसल्टेंसी से संबंधित दस्तावेजों और सरकारी रिकॉर्ड की जांच की। डिप्टी लेबर कमिश्नर जम्मू से प्राप्त आधिकारिक रिकार्ड में सामने आया कि उक्त कंसल्टेंसी का पंजीकरण केवल 31 मार्च 2015 तक था।
इसके बाद कंसल्टेंसी के पंजीकरण का वैध नवीनीकरण नहीं कराया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि आकाश शर्मा पर इस कंसल्टेंसी का संचालक था, जबकि उसकी बहन पूनम शर्मा एजेंट के रूप में काम कर रही थी।
विदेश में नौकरी-वीजा का झांसा देकर फंसाने का आरोप
आरोप है कि दोनों विदेश में नौकरी और वीजा दिलाने का भरोसा देकर विदेश जाने के इच्छुक बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसाते थे। क्राइम ब्रांच के अनुसार जांच के दौरान मामले से जुड़े दस्तावेज, भुगतान और कंसल्टेंसी के पंजीकरण सहित अन्य तथ्यों की जांच की गई।
जांच पूरी होने के बाद दोनों आरोपितों के खिलाफ जम्मू की 13 एफसी अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। पुलिस के अनुसार जांच में दोनों के पूर्व में इसी तरह की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने की बात भी सामने आई है।
