जम्मू, राज्य ब्यूरो। केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर प्रदेश की प्रस्तावित फिल्म नीति में प्रदेश के सभी 20 जिलों में उपलब्ध फिल्म शूटिंग लायक स्थानों काे शामिल किया जाएगा। सभी जिला उपायुक्तों को 25 अप्रैल तक अपने अपने कार्याधिकार क्षेत्र में ऐसे स्थानों का पूरा ब्यौरा जमा कराने के लिए कहा गया है। आपको बता दें कि केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर प्रदेश को देश-दुनिया का एक प्रतिष्ठित फिल्म शूटिंगस्थल बनाने और फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार एक फिल्म नीति बनाने जा रही है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा इसी माह के अंत तक फिल्म नीति को सार्वजनिक कर सकते हैं। प्रस्तावित नीति का मसौदा लगभग तैयार किया जा चुका है। अब इसमें उन जगहों को शामिल करना है, जहां फिल्मों, सीरियलों, वेब सीरिज और म्यूजिकल एल्बम को शूट किया जा सकता है।

सूचना निदेशक राहुल पांडेय ने प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने प्रत्येक जिला उपायुक्त को अपने अपने कार्याधिकार क्षेत्र के उन सभी स्थानों की जानकारी देने के लिए कहा है,जहां फिल्म शूटिंग हो सकती है। अपने पत्र में जिला उपायुक्तों को संबोधित करते हुए उन्होंने लिखा है कि जैसा कि आप सभी पहले से ही अवगत हैं कि उपराज्यपाल अगले चंद दिनों में जम्मू-कश्मीर की बहुप्रतिक्षित फिल्म नीति को सार्वजनिक करने वाले हैं। प्रस्तावित नीति में फिल्म शूटिंग लायक स्थान और सुविधाएं ही सबसे अहम हैं।

उन्होंने जिला उपायुक्तों से कहा है कि वह निर्धारित गूगल फार्म पर अपने अपने कार्याधिकार क्षेत्र के सभी छूते-अछूते पर्यटन स्थल, धर्मस्थल, ऐतिहासिक स्थल, पार्क इत्यादी की जानकारी दें जहां शूटिंग हो सकती है। वह ज्यादा से ज्यादा जगहों का जिक्र करते हुए उनका पूरा ब्यौरा देते हुए बताएं और जगहों को शहर,गांव या कस्बे के रुप में भी वर्गीकृत करें। उन्हें वहां पहुंचने के रास्ते, संपर्क मार्ग, सड़क की स्थिति, निकटवर्ती हवाई अड्डे ,रेलवे स्टेशन और बस अड्डे से उसकी दूरी की जानकारी देनी होगी।

फिल्म मेकर जम्मू-कश्मीर के इलाकों में शूटिंग के लिए आसानी से जा सकें ऐसी लोकेशन डायरेक्टरी बनाने के लिए गूगल फॉर्म बनाया गया है। इसमें लोकेशन का नाम एड्रेस कनेक्टिविटी ऑप्शन इत्यादि हैं। सभी जिला उपायुक्त इस प्रपत्र का अच्छी तरह से अध्ययन करें और जगह बाद उसके बारे में जानकारी दें जितनी ज्यादा जगहों की वह जानकारी देंगे उतना ज्यादा बेहतर होगा उन्हें यह भी बताना होगा कि क्या यह धार्मिक जगह है, ऐतिहासिक इमारत है या कोई म्यूजियम है। उन्हें अपनी लोकेशन को गांव शहर और कस्बे के रूप में वर्गीकृत करना होगा। इसके अलावा वहां पहुंचने के साधन आसपास कोई हवाई अड्डा है, स्टेशन है, इसकी जानकारी भी देनी होगी। डिप्टी कमिश्नर को वहां उपलब्ध के बारे में भी बताना होगा कि क्या वहां पर होटल है या नहीं। अगर होटल हैं तो वह किस श्रेणी के हैं।

राज्य प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित नीति में इस बात को सुनिश्चित बनाया जा रहा है कि सिर्फ कश्मीर प्रांत ही नहीं जम्मू प्रांत के सभी जिलों में भी फिल्म निर्माण संबंधी गतिविधियां जोर पकड़ें। जम्मू प्रांत में कई ऐसे स्थान हैं,जहां पहले बालीवुड की कई फिल्मों की शूटिंग हुई है,लेकिन बाद में उन जगहों को भुला दिया गया। 

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