जागरण संवाददाता, जम्मू : राज्य में खराब होते हालत को श्री अमरनाथ यात्रा से जोड़ते हुए शिवसेना बाला साहेब ठाकरे जम्मू-कश्मीर इकाई ने राज्य में जल्द राज्यपाल शासन लगाने की मांग की। राज्य के खराब हालात के लिए केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करते हुए शिव सैनिक हीरानगर में बच्ची की हत्या मामले की सीबीआइ जांच की मांग कर रहे थे। वह जल्द रोहिंग्याओं को राज्य से बाहर करने की मांग कर रहे थे।

प्रदेशाध्यक्ष डिम्पी कोहली एवं महासचिव मुनीश साहनी के नेतृत्व में दर्जनों शिवसैनिकों ने प्रदर्शन किया। घंटों सरकार विरोधी नारेबाजी करने के उपरांत मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का पुतला जलाया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि राज्य के हालात बिगाड़ने के उद्देश्य से ही रोहिंग्याओं को यहां शरण दी गई है। शिवसैनिकों ने प्रदर्शन के दौरान हाथों में चूडि़यां पकड़ रखी थी। उनका कहना था कि भाजपा नेता जम्मू के लोगों के हितों की रक्षा करने में असफल रहे हैं। ऐसे नेताओं को चूडि़यां पहन लेनी चाहिए। उनका आरोप था कि जम्मू की जनता से जुडे़ तमाम मामलों पर भाजपा नेताओं की चुप्पी यह साबित करती है कि वह महबूबा मुफ्ती के पिट्ठु बन चुके हैं और उन्हें चूडि़यां पहन घर बैठ जाना चाहिए।

मुनीश साहनी ने कहा कि जम्मू संभाग की जनता भाजपा नेताओं को वोट देकर अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रही है। बड़ी हैरानी की बात है कि केंद्र एवं जम्मू-कश्मीर में भाजपा शासन होने के बावजूद भाजपा नेताओं ने पीडीपी के आगे घुटने टेक रखे हैं। विस्थापित कश्मीरियों को वापस कश्मीर में बसाने के बजाए ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि जम्मू के हिंदू भी हताश हो कर राज्य से चले जाएं। ऐसे हालात पैदा किए जा रहे हैं कि लोग जाती धर्म के विवादों में ही फंसे रहें। महबूबा मुफ्ती सीबीआइ जांच क्यों नहीं करवा रही। साहनी ने जम्मू की तमाम राजनैतिक एवं सामाजिक पार्टियों को एक मंच पर एकत्रित होने की अपील करते हुए कहा कि जम्मू को बचाने के लिए हमें एक मंच पर आना होगा। प्रदर्शन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजन गुप्ता, उपाध्यक्ष यशपाल खजूरिया, सचिव राज सिंह, विकास बख्शी, राजू सलारिया, संजीव शर्मा आदि शामिल थे।

By Jagran