जम्मू, राज्य ब्यूरो। जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में सरकार का दरबार छह महीनों के लिए बंद हो गया। अब जम्मू में सरकार का दरबार चार नवंबर से काम करेगा। वर्तमान में जम्मू कश्मीर को 31 अक्टूबर से दो केंद्र शासित प्रदेशों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में राज्य सचिवालय के सात विभागों के कुछ अधिकारी व कर्मचारी श्रीनगर में दरबार बंद होने के बाद भी एक नबंवर तक काम करते रहेंगे। इसके बाद इन विभागों के अधिकारी व कर्मचारी भी जम्मू आ जाएंगे।

गत शुक्रवार को श्रीनगर सचिवालय में दोपहर 12 बजे तक काम हुआ, इसके बाद प्रशासनिक सचिवों की मेजों पर पड़ी अहम फाइलों को भी पैक कर दिया गया। यह प्रक्रिया प्रशासनिक सचिवों की देखरेख में चली। मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रहमण्यम के निर्देश हैं कि जम्मू में 4 नवंबर को दरबार खुलते ही सरकारी कामकाज शुरू हो जाए। मुख्य सचिव दरबार खुलने से पहले जम्मू सचिवालय में चल रही तैयारियों का जायजा भी लेंगे। जम्मू में पहुंच चुकीं विभागों की एडवांस पार्टियां 29 अक्टूबर से सचिवालय में अपने विभागों में कामकाज शुरू कर देंगी।

इस बार श्रीनगर से सरकारी रिकार्ड रविवार के बजाय सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू के लिए रवाना किया जाएगा। राज्य प्रशासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि दरबार मूव के दौरान जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध रहें। त्यौहारों के मौसम में जम्मू के कर्मचारी दो दिन की छुट्टी मिलने पर पहले ही घर आ गए थे। अब कश्मीर के कर्मचारियों के 2, 3 नवंबर को काफिले में जम्मू आने के साथ ही दरबार मूव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। दरबार मूव के दिनों में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एकतरफा यातायात व्यवस्था रहेगी।

दरबार बंद होने के बाद जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए गृह, जीएडी, हास्पिटेलिटी एंड प्रोटोकाल, इस्टेट, इन्फारमेशन, इन्फारमेशन एंड टेक्नालाजी व नेशनल इन्फारमेटिक सेंटर के कुछ अधिकारी व कर्मचारी अपना कामकाज जारी रखे हुए हैं। प्रशासन ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर व लद्दाख में स्टाफ की तैनाती, वित्तीय मामलों, फंड जुटाने के साथ इनके कामकाज के तरीकोंं का खाका तैयार किया है।

Posted By: Rahul Sharma

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