जम्मू, राज्य ब्यूरो : जम्मू कश्मीर में भर्ती प्रक्रिया में ऐतिहासिक सुधार लाते हुए सरकार ने फैसला किया है कि पुलिस, जेल, फायर और इमरजेंसी विभागों के नान गजटेड पदों को जम्मू कश्मीर सर्विस सेलेक्शन बोर्ड भरेगा। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू कश्मीर पुलिस में 800 सब इंस्पेक्टर की भर्ती को भी मंजूरी दी। पुलिस की एग्जिक्यूटिव और सशस्त्र विंग में सब इंस्पेक्टर की सीधी भर्ती के लिए सामान्य वरिष्ठता भी तैयार की जाएगी और इसके लिए संयुक्त परीक्षा होगी। उपराज्यपाल ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए पुलिस, जेल, फायर और इमरजेंसी विभागों के नान गजटेड पदों को सर्विस सेलेक्शन बोर्ड भरेगा।

इन पदों के लिए भर्ती लिखित परीक्षा और फिजिकल टेस्ट के आधार पर होगी। फिजिकल टेस्ट के लिए कमेटी सर्विस सेलेक्शन बोर्ड सरकार के सहयोग से गठित करेगा और कुछ राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की तर्ज पर फिजिकल फिटनेस टेस्ट के लिए उम्मीदवार बुलाए जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। फिटनेस टेस्ट की पूरी प्रक्रिया वीडियोग्राफी के जरिये होगी ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित बनाई जा सके। विभिन्न स्तरों पर पुलिस अधिकारियों के पदोन्नति की वरिष्ठता सूची के लंबित मुद्दे पर फैसला किया गया है कि पुलिस की एग्जिक्यूटिव विंग और सशस्त्र विंग में सामान्य वरिष्ठता को संयुक्त परीक्षा के जरिए तैयार किया जाएगा, जिससे उनके भविष्य की पदोन्नति का सिस्टम सुचारू रूप से चले।

उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई गई है और 25 युवाओं को भर्ती करने की प्रक्रिया चल रही है। सर्विस सेलेक्शन बोर्ड ने 18 हजार पदों के लिए पहले से ही अधिसूचना जारी की है। अन्य पदों की पहचान की जा रही है। जम्मू कश्मीर में विकास के लिए युवाओं की भूमिका को अहम करार देते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर सरकार बैक टू विलेज कार्यक्रम के अगले चरण में 50 हजार युवाओं तक पहुंच कर उन्हें वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाएगी और इस योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जम्मू कश्मीर बैंक ने 19,600 युवाओं को 340 करोड़ रूपये से अधिक के ऋण उपलब्ध करवाए है ताकि वे रोजगार हासिल कर सकें।