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दिल्ली में जम्मू-कश्मीर राज्य दर्जे को लेकर NC का धरना, जम्मू में अलग राज्य की मांग तेज, रघुनाथ मंदिर तक प्रदर्शन

By Lalit KumarEdited By: Rahul Sharma
Published: Mon, 20 Jul 2026 01:02 PM (IST)

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने दिल्ली में जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर धरना दिया। वहीं जम्मू ...और पढ़ें

शिवसेना और JSM ने कहा जम्मू को अलग राज्य दो।

शिवसेना और JSM ने कहा जम्मू को अलग राज्य दो।

HighLights

  1. नेशनल कॉन्फ्रेंस ने दिल्ली में जम्मू-कश्मीर राज्य का दर्जा मांगा।

  2. जम्मू में विभिन्न संगठनों ने अलग राज्य के लिए रैली की।

  3. प्रदर्शनकारियों ने NC की मांग का विरोध किया, संघर्ष तेज होगा।

जागरण संवाददाता, जम्मू। जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर सोमवार को जहां नेशनल कॉन्फ्रेंस व सहयोगी दल दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देने निकले, वहीं प्रदेश की शीतकालीन राजधानी जम्मू में एक बार फिर से जम्मू को अलग राज्य का दर्जा देने की मांग मुखर हो गई।

सोमवार को विभिन्न संगठन एक मंच पर आए और जम्मू को अलग राज्य बनाने की मांग दोहराते हुए शहर में रैली निकाली। शिवसेना ठाकरे, जम्मू स्टेट मूवमेंट व अन्य संगठन सोमवार को शहर के ऐतिहासिक रघुनाथ मंदिर चौक में एकत्रित हुए और हाथों में तिरंगे लेकर व अलग जम्मू राज्य की मांग की तख्तियां लेकर शहर में रैली निकाली।

वहीं दूसरी तरफ जम्मू स्टेट पीपुल्स मूवमेंट के कार्यकर्ता तवी पुल पर महाराजा हरि सिंह की प्रतिमा के सामने एकत्रित हुए और वहां पर अलग जम्मू राज्य की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

जम्मू को अलग राज्य का दर्जा देना होगा

नेशनल कॉन्फ्रेंस की जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग का विरोध करते हुए इन कार्यकर्ताओं ने कहा कि उमर सरकार ने मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए यह सारा ड्रामा रचा है। इनका कहना था कि अब जब भी राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग आएगी, तो सबसे पहले जम्मू को अलग राज्य का दर्जा देना होगा, उसके बाद ही कोई बात आगे बढ़ने दी जाएगी।

उधर शिवसेना ठाकरे के प्रदेशाध्यक्ष मुनीश साहनी ने कहा कि जम्मू शुरू से ही अलग राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग करता आ रहा है लेकिन जम्मू की इस मांग की अनदेखी होती आ रही है लेकिन अब जम्मू के संगठन व यहां की जनता चुप नहीं बैठेगी। साहनी ने कहा कि आज की रैली तो सिर्फ एक आगाज है और आने वाले दिनों में इस मांग को लेकर संघर्ष तेज किया जाएगा।