जम्मू, जेएनएन : सीमा सुरक्षाबल व जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों ने एक बार फिर पाकिस्तान की नापाक साजिश को नाकाम बना दिया है। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दो बार घुसपैठ का प्रयास विफल होने के बाद पाकिस्तान ने आतंकवादियों तक हथियार पहुंचाने के लिए एक बार फिर ड्रोन की मदद ली परंतु बीएसएफ व जेकेपी के सतर्क जवानों ने पाक की ये योजना भी कामयाब नहीं होने दी। जवानों ने जिला सांबा में सीमा से सटे रामगढ़ सेक्टर की गढ़वाल पंचायत में तलाशी अभियान के दौरान हथियारों का जखीरा बरामद किया है। एसएसपी सांबा ने इस बात की पुष्टि की है कि ये हथियार पाकिस्तान से ड्रोन की मदद से भारतीय सीमा में फेंके गए हैं।

आपको बता दें कि जम्मू संभाग में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में पिछले कुछ दिनों के दौरान पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ के कई प्रयास किए जा चुके हैं। गत दिनों बीएसएफ के जवानों ने अरनिया में एक घुसपैठिये को मार भी गिराया था। जबकि जिला सांबा के रामगढ़ सेक्टर में एक घुसपैठियो काे गिरफ्तार भी किया था। हालांकि उस घुसपैठियो को पूछताछ के बाद पाकिस्तान को वापस सौंप दिया गया।

बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि सीमा पर घुसपैठ के ये प्रयास केवल जमीन से ही नहीं बल्कि आसमान से ड्रोन की मदद से भी किए जा रहे हैं। पाकिस्तान की इस नापाक हरकतों के बाद सीमा पर गश्त का सिलसिला बढ़ा दिया गया। पिछले तीन दिनों से लगातार बीएसएफ व जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान तलाशी अभियान चला रहे हैं। इसी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को रामगढ़ सेक्टर की गढ़वाल पंचायत से हथियारों का यह जखीरा मिला। ये सभी हथियार पैकेट में बंद थे। सुरक्षाबलों ने पैकेट को अपने कब्जे में लिया और बड़ी कुशलता के साथ उसे खोला। बरामद हथियारों में दो पिस्तौल, चार मैगजीन, 60 राउंड, भारतीय करंसी के 10 पैकेट (पांच लाख), 2 बेटरी, एक डेटोनेटर और एक लेड बरामद हुआ है।

एसएसपी सांबा ने बताया कि ये पैकेट पाकिस्तान की ओर से ड्रोन की मदद से यहां फैंका गया है। जहां से ये पैकेट बरामद हुआ, यहां से सीमा का हवाई मार्ग से फासला करीब छह किलोमीटर है। ये हथियार व नकदी मिलने के बाद आसपास के इलाकों में पूछताछ की जा रही है। आशंका है कि इन हथियारों को लेने आने वाले आतंकी आसपास ही कहीं मौजूद हो सकते हैं।

Edited By: Rahul Sharma

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