किश्तवाड़, संवाद सहयोगी: हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी अमीन भट्ट उर्फ जहांगीर सरूरी के दक्षिण इलाके में छिपे होने की खबरों ने सुरक्षाबलों को फिर से चौकन्ना कर दिया है। वह सुरक्षा एजेंसियों को लगातार चकमा दे रहा है। कहा जा रहा है सरूरी पहले पाडर इलाके के कजाई गांव के आसपास छिपा था। इसकी भनक सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंची तो सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन वह नहीं मिला।

अभी कुछ दिन पहले दक्षिण इलाके के दो युवकों के लापता होने की खबर आई, तब कहा गया कि ये दोनों सरूरी के साथ जा मिले हैं, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई। बताया जा रहा है कि इनमें से एक युवक वापस आ गया है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने कुछ और लोगों को भी हिरासत में लिया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी के गिरफ्तार किए जाने की बात नहीं की है।

किश्तवाड़ आतंकी हमलों के सुराग खोज रही एनआइए

परिहार बंधुओं की हत्या समेत शहर में हुईं विभिन्न आतंकी वारदातों में एनआइए अपनी जांच में एक के बाद एक कड़ी जोड़ रही है। एनआइए दो दिन पहले नासिर शेख को किश्तवाड़ में लाई और उसे कुछ ऐसी जगहों पर ले गई जहां कुछ ठोस सबूत मिलने की उम्मीद है। शेख नासिर, आजाद हुसैन और नौशाद को 23 सितंबर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बाद में इन्हें एनआइए के हवाले किया गया।

यह तीनों आतंकवादी किश्तवाड़ में चार लोगों की हत्या और दो हथियार छीने जाने के मामले में पूरी तरह से शामिल थे। तीनों मुख्य आरोपी और हत्या में शामिल बताए गए हैं। हालांकि, हत्या करने वाले आतंकवादियों को सुरक्षाबलों ने बटोत में ढेर कर दिया था और जो आतंकी बच गए थे उनमें से एक हारून वानी किश्तवाड़ छोड़कर डोडा के इलाके में भूमिगत हो गया है। इनका एक और साथी नावेद शाह दक्षिण कश्मीर के इलाके में सक्रिय हो गया है।

सनद रहे कि किश्तवाड़ में आतंकियों ने भाजपा नेता अनिल परिहार और उसके भाई अजीत परिहार, आरएसएस नेता चंद्रकांत शर्मा और उसके अंगरक्षक राजेंद्र सिंह की हत्या कर दी थी। इसके अलावा डीसी किश्तवाड़ अंग्रेज सिंह राणा और पीडीपी जिला प्रधान शेख नासिर हुसैन के अंगरक्षक से आतंकियों ने राइफलें भी छीन ली थीं।

Posted By: Rahul Sharma

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