श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। सुरक्षा एजेंसियां हिजबुल मुजाहिदीन के दुर्दात आतंकी नवीद, उसके साथियों और डीएसपी देविंदर सिंह से पूछताछ के दौरान कश्मीरी और खालिस्तानी आतंकियों की साठगांठ का भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं। इस बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) का आइजी रैंक का एक अधिकारी पूछताछ के लिए वीरवार को दिल्ली से श्रीनगर पहुंच रहा है।

सूत्रों के मुताबिक देविंदर सिंह के कुछ रिश्तेदारों के घरों में तलाशी ली गई है। इस दौरान एक महत्वपूर्ण सुरक्षा शिविर का नक्शा भी मिला है, लेकिन किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2018 के दौरान दक्षिण कश्मीर में जिला पुलवामा व शोपियां से जुड़े आतंकियों ने ही जालंधर में एक पुलिस स्टेशन पर हमला किया था। बीते साल चंडीगढ़ के पास भी आतंकी गतिविधियों में संलिप्त कश्मीरी युवक पकड़े गए थे।

उन्होंने बताया कि बीते साल पंजाब में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियारों व नशीले पदार्थो की तस्करी के मामले में भी जैश हैंडलर आशिक का नाम आया है। आशिक भी जिला पुलवामा का रहने वाला है। उन्होंने बताया देविंदर सिंह आतंकियों को चंडीगढ़ ही ले जा रहा था। इसलिए इस बात की संभावना को नहीं नकारा जा सकता कि वह पंजाब में खालिस्तानी आतंकियों और उनके समर्थकों से भी मिल सकते थे। इसके अलावा पुलवामा व शोपियां के आतंकी ही बीते दो सालों में पंजाब में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे चुके हैं।

डीएसपी  देविंदर सिंह इस दौरान पुलवामा और शोपियां में तैनात रहा है। देविंदर सिंह जम्मू संभाग में जिस इलाके में आता-जाता रहा है, वहां सिख आतंकियों से सहानुभूति रखने वाले कुछ तत्व भी रहते हैं। पूछताछ कर रहे अधिकारियों को उम्मीद है कि  देविंदर सिंह व उसके साथ पकड़े गए आतंकी पंजाब में खालिस्तानी आतंकियों और पंजाब में सक्रिय अलगाववादी तत्वों के बारे में भी जरूर जानकारी रखते होंगे। इसलिए इन लोगों से पूछताछ में खालिस्तान कनेक्शन से जुड़े सवालों को भी शामिल किया गया है। 

Posted By: Preeti jha

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