v style="text-align: justify;">जम्मू, [जागरण संवाददाता]। सुंजवां सैन्य शिविर पर आत्मघाती हमले के बाद दोमाना में भी संदिग्ध आतंकी दिखने से सुरक्षा एजेंसिया सतर्क हो गई हैं। आशंका जताई जा रही है कि अगर जम्मू में और भी आतंकी छिपे हैं तो वे फिर से कोई हमला करने की कोशिश कर सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, दोमाना घटना के बाद पुलिस, सीआरपीएफ, सेना, एसएसबी, बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के अधिकारियों ने बैठक कर आतंकियों से निपटने के लिए रणनीति तैयार की। गत सोमवार को ही सभी को नई एडवाइजरी जारी की गई थी कि वे अपने शिविरों को किस प्रकार से सुरक्षित रख सकते हैं। बैठक में अधिकारियों ने सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत बनाने के साथ संदिग्ध लोगों की पहचान करने तथा उनकी धर पकड़ को सुनिश्चित बनाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की।
बैठक में इस बात पर भी चर्चा की गई कि सुरक्षा बलों के शिविरों में प्रवेश तथा निकास के लिए केवल एक ही गेट का प्रयोग किया जाए। हालांकि आपात स्थिति के दौरान अन्य द्वारों का भी प्रयोग किया जाए। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नाकेबंदी को मजबूत करने के अलावा सीसीटीवी कैमरे लगाने पर भी बैठक में चर्चा की गई।
दोमाना में आतंकी हमले की साजिश नाकाम
सुंजवां में सैन्य ब्रिगेड के बाद मंगलवार को जम्मू के बाहरी क्षेत्र दोमाना ब्रिगेड के पास भी संदिग्ध आतंकियों ने हमले की कोशिश की, जिसे सतर्क जवानों ने गोली चलाकर नाकाम बना दिया। भाग निकले संदिग्ध आतंकियों को पकड़ने के लिए सेना व पुलिस ने हेलीकॉप्टर व यूएवी के मदद से पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कोई हाथ नहीं लगा।
सैन्य सूत्रों के अनुसार, जम्मू-अखनूर राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोमाना में सेना की 19 ब्रिगेड के पास जम्मू कश्मीर लाइट इंफेंटरी (जेकलाई) की 15 बटालियन के गेट पर तड़के साढ़े चार बजे दो संदिग्ध आतंकी मोटर साइकिल पर पहुंचे। उन्होंने सेना की कांबेट ड्रेस पहन रखी थी। इससे पहले की वे कोई कार्रवाई करते, संतरी ने गोली चला दी। इसके बाद दूसरे संतरी ने भी एक गोली दागी। इसपर दोनों संदिग्ध अंधेरे की आड़ में भाग निकले।इसके बाद क्षेत्र में हाई अलर्ट कर दिया गया और सेना व जम्मू कश्मीर पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान छेड़ दिया। सेना के साथ पुलिस ने भी दोमाना के नागबनी व साथ लगते फ्लोरा इलाके को खंगाला। अभियान में शामिल जम्मू के एसएसपी विवेक गुप्ता ने बताया कि हमने संतरी द्वारा दी गई सूचना को गंभीरता से लेते हुए पूरे इलाके को खंगाला है। इस मामले पर सेना ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।सुंजवां ब्रिगेड पर हमले के बाद से राज्य में सभी सैन्य क्षेत्रों में अतिरिक्त चौकसी बरती जा रही है। इसका एक कारण यह भी है कि सेना को सूचना थी कि चार आतंकी हमले की फिराक में हैं। इनमें से तीन आतंकी तो सुंजवां में ही मारे गए हैं, जबकि चौथे के कहीं छिपे होने की आशंका है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी सोमवार को संभावना जताई थी कि बताया जा रहा चौथा आतंकी सुंजवां में मारे गए दहशतगर्दो का गाइड भी हो सकता है, जो अंदर नहीं आया था।

By Preeti jha