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श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। कश्मीर के हालात में लगातार सुधार हो रहा है। प्रशासन की घोषणा पर आज सोमवार को श्रीनगर में 194 प्राइमरी स्कूल खोल दिए गए। पहला दिन होने के कारण स्कूलों में बच्चों की संख्या थोड़ी कम रही परंतु अध्यापकों की उपस्थिति पूरी रही। वहीं सभी सरकारी कार्यालय भी कश्मीर में सामान्य रूप से काम करने लगे हैं लेकिन जम्मू में इंटरनेट सेवाएं लगातार दूसरे दिन भी बंद रही। प्रशासन लगातार जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा हालात की समीक्षा कर रहे हैं। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए एहतियात के तौर पर सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबलों को बड़ी संख्या में तैनात रखा।

कश्मीर में पांच अगस्त से सभी स्कूल व कालेज बंद हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद एहतियात के तौर पर शैक्षिक संस्थानों को बंद रखा गया था। लेकिन कुछ दिनों से कश्मीर में लगातार हालात में सुधार हो रहा है। प्रतिबंधों में भी छूट दी जा रही है। इक्का-दुक्का प्रदर्शनों को छोड़ दिया जाए तो पूरे जम्मू-कश्मीर में शांति बनी हुई है। इन्हीं को देखते हुए सोमवार को श्रीनगर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 194 प्राथमिक शिक्षा के स्कूल खोले गए। सभी चिन्हित स्कूल खुले। लेकिन पुलिस पब्लिक स्कूल बेमिना,आर्मी स्कूल श्रीनगर और केंद्रीय विद्यालयों के अलावा गुपकार स्थित वुडलैंड स्कूल में अभिभावक अपने बच्चों को छोड़ते नजर आए। अन्य स्कूलों में सिर्फ अध्यापक नजर आए। लेेकिन थीड,हारवन जैसे इलाकों में स्थित प्राथमिक स्कूलों में भी छात्रआए,लेकिन उन्हें उंगलियों पर आसानी से गिना जा सकता था। अलबत्ता,सभी निजी स्कूल पूरी तरह बंद रहे। उनके गेट पर आज लगातार 15वें दिन भी ताला लटका हुआ रहा।

लालचौक में स्थित टिंडेल बिस्को और मैलिनसन स्कूल भी पूरी तरह बंद रहे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था वाले सोनवार में स्थित बर्नहाल स्कूल भी बंद था। राजबाग और जवाहर नगर व सन्नतनगर जैसे इलाके जहां सामान्य जिंदगी लगभग बहाल नजर आती है,स्कूल बंद रहे। फिरोज अहमद डार नामक एक व्यक्ति ने कहा कि बेशक यहां अमन है,लेेकिन असमंजस अौर असुरक्षा का माहौल भी है, पता नहीं कब क्या हो जाए। इसलिए मैने अपने बेटे को स्कूल नहीं भेजा। फिरोज का बेटा शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थित एक नामी निजी स्कूल में चौथी कक्षा का छात्र है।

 

वुडलैंड स्कूल के बाहर खड़े मुश्ताक अहमद ने कहा कि मेरे दोनों बच्चे इसी स्कूल में पढ़ते हैं। घर बैठकर बच्चे बहुत शरारती हो गए थे, गली में दिनभर खेलते रहते थे। जो सीखा था वह भी भुलाने लगे थे। बड़ा बेटा तो खुद कहने लगा था कि पापा स्कूल खुलवा दो,जैसे मैने खुलवाना हो। खैर आज स्कूल खुल गए हैं। बहुत कम बच्चे आए हैं,लेकिन एक दो दिन में स्कूलों में बच्चों की भीड़ नजर आने लगेगी।

 

लालचौक से करीब तीन किलोमीटर दूर इकबाल पार्क स्थित एक सरकारी स्कूल के अध्यापक ने अपना नाम न छापे जाने की शर्त पर कहा कि सिर्फ तीन बच्चे आए हैं। अध्यापक सभी आए हैं। मां-बाप इस समय आशंकित हैं,लेकिन एकदो दिन में सबकुछ सामान्य हो जाएगा।

 

इस बीच, जिला बारामुला में भी प्रशासन ने स्कूल खुलवाए हैं। जिला बारामुला स्थित एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बतायाकि पटटन, पल्हालन, सिंगपोरा, बारामुला और सोपोर में किसी तरह से प्रशासनिक पाबंदियों में राहत नहीं दी गईहै। लेकिन उड़ी,शीरी व सिंगपोरा में स्कूल खुले हैं। वहां छात्रों की संख्या लगभग सामान्य कही जाएगी।

श्रीनगर स्थित जिला उपायुक्त कार्यालय के एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि शहर के बाहरी हिस्से में लगभग सभी प्राथमिक स्कूल खुले हैं। लेकिन शहर के भीतरी हिस्सो में विशेषकर डाऊन-टाऊन में सकूलों को एहतियातन बंद रखा गया है। इन इलाकों में हिंसक घटनाओं के मददेनजर ही यह फैसला लिया गया है। लेकिन राजबाग, जवाहरनगर, गोगजीबाग, रामबाग, सोनवार, थीड, हारवन, गुपकार, इंदिरा नगर समेत सीविल लाईंस के विभिन्न इलाकों में स्कूलों को खोला गया है।

 

मंडलायुक्त कश्मीर बसीर अहमद खान ने कहा कि आज लगभग सभी सरकारी कार्यालय खुले हैं। इनमें कर्मचारियों की उपस्थिति भी सामान्य ही कही जाएगी। बैंक भी खुले हैं। नागरिक सचिवालय भी खुला है और सभी प्रशासनिक काम सामान्य गति से जारी हैं। विभिन्न इलाकाें में प्रशासनिक पाबंदियों में राहत को बढ़ाया गया है। कई जगहों पर दुकानें खुली हैं। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी बड़ी है। हां, जिन इलाकों में हिंसक घटनाओं की तीव्र आशंका है,वहां प्रशासनिक पाबंदियोंको आम लोगों के जान माल की सुरक्षा को यकीनी बनाए रखने के लिए जारी रखा गया है।

वहीं कश्मीर में प्रशासन ने अब तक 90 के करीब थानांतर्गत क्षेत्रों में प्रतिबंधों पर ढील दी है। पहले ढील छह घंटे की थी अब इसे बढ़ाकर आठ घंटे कर दिया गया है। यही नहीं प्रशासन लगातार पूरे कश्मीर में टेलीफोन सेवाएं बहाल करने के भी प्रयास कर रहा है। अभी तक 17 एक्सचेंज बहाल की गई हैं। जबकि अन्य को बहाल करने के लिए स्थानीय स्तर पर समीक्षा चल रही है। योजना एंव विकास विभाग के प्रमुख सचिव एवं राज्य सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने उम्मीद जताई है कि जल्दी ही पूरे जम्मू-कश्मीर में टेलीफोन सेवाएं बहाल हो जाएंगी।

दूसरी ओर जम्मू संभाग के जिन पांच जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं शुरू की गई थी उन्हें दूसरे दिन भी बंद रखा गया है। इन जिलों में जम्मू, उधमपुर, कठुआ, रियासी और सांबा शामिल हैं। प्रशासन जम्मू के हालात की लगातार समीक्षा कर रहा है। सोशल साइट्स पर माहौल खराब करने की साजिश रचने वालों को चेतावनी दी गई है कि अगर उन्होंने किसी भी प्रकार का कोई गलत संदेश डाला तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Rahul Sharma

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