घर पर मिलेगा कश्मीरी व्यंजनों का जायका, कल से शुरू होगा सरस मेला; देशभर से लग रहे 11 फूड स्टॉल
जम्मू के कला केंद्र में 31 जनवरी से सरस मेला शुरू हो रहा है, जिसमें ग्रामीण महिलाओं के लिए 'उम्मीद ...और पढ़ें

कैप्शन: घर पर मिलेगा कश्मीरी व्यंजनों का जायका, कल से शुरू होगा सरस मेला (फाइल फोटो)
HighLights
ग्रामीण महिलाओं के लिए 'उम्मीद का जायका' ब्रांड शुरू।
डोगरी व कश्मीरी व्यंजन ऑनलाइन स्विगी से मिलेंगे।
सरस मेले में महिलाओं के उत्थान पर विशेष ध्यान।
रोहित जंडियाल, जम्मू। जम्मू-कश्मीर की ग्रामीण महिलाएं प्रतिभा का लोहा मना रही हैं। इस बार सरस मेले में इन महिलाओं के लिए बनाया गया उम्मीद का जायका नाम से एक ब्रांड शुरू होगा। इसमें बनने वाले व्यंजनों को लोग मेले के दौरान और घर बैठे ऑनलाइन भी मंगवाकर स्वाद ले सकेंगे।
इनमें डोगरी थाली से लेकर कश्मीर की प्यार भरी थाली शामिल होगी। कला केंद्र जम्मू में 31 जनवरी से 9 फरवरी तक चलने वाले सरस मेला-2026 में 70 स्टाल लगेंगे, जिसमें 11 फूड स्टाल हैं। जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा आयोजित किए जा रहे सरस मेले में 34 स्टाल देश के विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से आई महिलाएं लगाने जा रही हैं, जबकि अन्य स्टाल जम्मू-कश्मीर की ग्रामीण महिलाएं लगाएंगी।
ऑनलाइन बिक्री की तैयारी शुरू
इस बार मेले का आकर्षण उम्मीद का जायका ब्रांड रहेगा। कैटरिंग से जुड़ी इन महिलाओं द्वारा बनाए गए व्यंजनों को इसी ब्रांड से जाना जाएगा। यहां पर जम्मू-कश्मीर के पारंपरिक खानों को तैयार किया जाएगा और एक पेशेवर अंदाज में आंगुतकों के समक्ष परोसा जाएगा। ऐसा पहली बार होगा कि इन महिलाओं के लिए अलग से एक ब्रांड बनाया गया है। लोगों की इन व्यंजनों तक अधिक पहुंच बनाने के लिए इनकी ऑनलाइन बिक्री करने की तैयारी है।
इसके लिए स्विगी से बात की गई है। मिशन से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है। उन्हें पूरी तरह से तैयार करने के बाद ही ब्रांड बनाया गया है। उन्हें ऑनलाइन बिलिंग का प्रशिक्षण भी दिया गया है।
मेले में महिलाओं के उत्थान पर ज्यादा ध्यान दिया गया
इसी ब्रांड के तहत डोगरी की रसोई चलाने वाली अखनूर की अनीता देवी ने कहा कि डोगरा और कश्मीरी शाकाहारी व्यंजन दोनों ही यहां पर मिलेंगे। बहुत सी महिलाएं इस ब्रांड से जुड़ी हैं, जो हमें आत्मनिर्भर बना रही हैं। मेले में स्टालों पर हाथ से बुने वस्त्र, हस्तशिल्प, घरेलू खाद्य उत्पाद और रोजमर्रा की उपयोगी वस्तुएं देखने को मिलेंगी, जो गांवों की जीवनशैली, मेहनत और आत्मनिर्भरता की कहानी बयान करेंगी। मेले में खासतौर पर महिलाओं के उत्थान पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
