जम्मू में सफाई कर्मचारियों का आंदोलन तेज, 30 सितंबर तक अल्टीमेटम; मांग नहीं मानी तो 1 अक्टूबर से काम बंद
जम्मू नगर निगम के एनजीओ सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने 30 सितंबर तक मांगें न ...और पढ़ें

जम्मू में सफाई कर्मचारियों ने दी 1 अक्टूबर से हड़ताल की चेतावनी।
HighLights
एनजीओ सफाई कर्मचारियों ने जम्मू नगर निगम में जोरदार प्रदर्शन किया।
30 सितंबर तक मांगें न मानने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी।
एनजीओ प्रथा समाप्त कर सेवाओं को नियमित करने की प्रमुख मांग।
जागरण संवाददाता, जम्मू। जम्मू नगर निगम के टाउन हाल परिसर में शुक्रवार को अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के बैनर तले एनजीओ सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर नगर निगम प्रशासन और सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने एनजीओ प्रथा को तुरंत समाप्त करने और सेवाओं को नियमित करने की मांग को लेकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संघ के नगर निगम इकाई के प्रधान अमर मोमन ने घोषणा की कि कर्मचारी 25 और 26 सितंबर को दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे। उन्होंने सभी कर्मचारियों से 26 सितंबर के प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया ताकि निगम प्रशासन को श्रमिकों की एकजुटता का कड़ा संदेश दिया जा सके।
प्रधान अमर मोमन ने प्रशासन के दोहरे रवैये पर कड़ा प्रहार करते हुए सवाल उठाया कि जब शहर को साफ रखने का उनका काम पक्का और स्थायी है, तो फिर उनकी नौकरी कच्ची क्यों रखी गई है? उन्होंने साफ किया कि जब तक एनजीओ सिस्टम को पूरी तरह खत्म करने का लिखित सरकारी आदेश हाथ में नहीं आ जाता, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
75 वार्डों में आधे से ज्यादा की सफाई संभालते हैं कर्मचारी
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पंजाब और हरियाणा की तर्ज पर आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। गौरतलब है कि शहर के 75 वार्ड हैं और आधे से ज्यादा वार्डों में एनजीओ सफाई कर्मचारी सफाई करते हैं। प्रदर्शनकारियों में संघ के चेयरमैन लक्की चिद्दा, एनजीओ प्रधान अमानत मट्टू, विक्रम मसीह, विजय आनंद गिल, बिट्टू खोखर, हरप्रीत सिंह प्रमुख थे।
सेनिटरी इंस्पेक्टरों को सख्त चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान संघ के नेताओं ने नगर निगम के कुछ सेनिटरी इंस्पेक्टरों के रवैये पर भी गंभीर आपत्ति जताई। अमर मोमन ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कुछ अधिकारी एनजीओ सफाई कर्मचारियों की एकता को तोड़ने और आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने तंज कसते हुए याद दिलाया कि निगम में कार्यरत कई सेनिटरी इंस्पेक्टर स्वयं सफाई कर्मचारी के पद से ही जुड़े रहे हैं, इसलिए उन्हें अपने ही साथियों के हितों के खिलाफ काम नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने निगम म्यूनिसिपल वर्कर्स यूनियन पर प्रशासन की कठपुतली बनने का आरोप लगाया।
संघ ने जम्मू नगर निगम को दी चेतावनी
संघ ने नगर निगम और प्रशासन को 30 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया है। संघ ने दो-टूक शब्दों में कहा कि यदि 30 सितंबर तक एनजीओ सिस्टम को खत्म कर कर्मचारियों को राहत देने वाला आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया, तो पहली अक्टूबर से सभी एनजीओ सफाई कर्मचारी पूर्ण रूप से काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
इस स्थिति में शहर की सफाई व्यवस्था चरमराने की पूरी जिम्मेदारी जम्मू नगर निगम प्रशासन और सरकार की होगी।
