राज्य ब्यूरो, श्रीनगर । कश्मीर में सक्रिय विभिन्न आतंकी संगठनों के साझा मंच यूनाइटेड जिहाद काउंसिल (यूजेसी) ने बुधवार को कश्मीर समस्या के समाधान के लिए होने वाली वार्ता के सशर्त समर्थन का यकीन दिलाया। उसने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा कश्मीर के संदर्भ में पारित प्रस्तावों के अनुरूप केंद्र को चाहिए कि वह कश्मीर को एक विवादित क्षेत्र का दर्जा दे।

कश्मीर पर वार्ता को लेकर यूजेसी का यह बयान अलगाववादियों के संगठन ज्वाइंट रजिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) द्वारा केंद्र से वार्ता को नकारे जाने के एक दिन बाद आया है। जेआरएल ने मंगलवार को वार्ता से इन्कार करते हुए कहा था कि केंद्र द्वारा की गई पेशकश अस्पष्ट है। इसलिए वह बातचीत में शामिल नहीं हो सकती। बातचीत से पूर्व केंद्र को अपना एजेंडा स्पष्ट करना होगा।

गुलाम कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद में एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए सलाहुदीन ने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह द्वारा किए गए युद्धबंदी के एलान का स्वागत करते हैं। लेकिन इसका फायदा तभी है जब केंद्र सरकार पूरी ईमानदार से इसे लागू करे।

केंद्र सरकार सचमुच कश्मीर मसले को बातचीत के जरिए हल करने के लिए ईमानदार है तो उसे जम्मू कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए उन्हें खुद मुख्तारी देने के साथ संयुक्त राष्ट्र की सिफारिशों को कश्मीर में लागू करना चाहिए।

कश्मीर को एक विवादित क्षेत्र मानना चाहिए। अगर केंद्र सरकार ऐसा करती है तो हम कश्मीर मुद्दे पर होने वाली बातचीत का समर्थन करेंगे।विदित हो कि यूजेसी के चेयरमैन कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के सुप्रीम कमांडर मोहम्मद यूसुफ शाह उर्फ सलाहुदीन है। यूजेसी का मुख्यालय गुलाम कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद में है।

Posted By: Preeti jha

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