अवधेश चौहान, जम्मू : जम्मू कश्मीर में हिंसा फैलाने के लिए रची जा रही ड्रोन हमलों की साजिश का कंट्रोल रूम पाकिस्तान के शक्करगढ़ इलाके में है। यह इलाका अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर से जम्मू जिले के कानाचक्क के सामने आता है। सूत्रों के अनुसार, जम्मू के सीमावर्ती क्षेत्रों में बीते तीन माह में 21 बार ड्रोन शक्करगढ़ कंट्रोल रूम से ही उड़ाए गए हैं। जम्मू एयरफोर्स स्टेशन परिसर में ड्रोन से बम फेंकने के पीछे भी शक्करगढ़ बिग्रेड के दिमाग की उपज माना जा रहा है। शक्करगढ़ ब्रिगेड में पाकिस्तान सेना के साथ जैश और लश्कर के आंतकी मिलकर जम्मू कश्मीर को दहलाने की साजिश रच रहे हैं।

शक्करगढ़ ब्रिगेड ने एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है, जिनमें पाकिस्तान के प्रशिक्षित इंजीनियरों और तकनीशियनों की भी मदद ली जा रही है। इस बिग्रेड की कमान पाक सेना के बिग्रेडियर लेवल के अधिकारी को दी गई है। सूत्रों की मानें तो हाल ही में कंट्रोल रूम के चीफ ने जम्मू एयरफोर्स स्टेशन परिसर में ड्रोन से बम गिराने वालों को सम्मानित भी किया है। अब नियंत्रण रेखा पर भी इस बिग्रेड ने अपने पैर पसारे हैं। कुछ दिन पहले राजौरी के सीमावर्ती इलाके में भी ड्रोन के जरिए हथियार व गोलाबारूद गिराया गया था।

एक ही समय और एक ही रस्‍सी जोड़ रही है साजिश की कड़ी

जम्मू एयरफोर्स स्टेशन परिसर में 27 जून को ड्रोन हमला हो, पिछले वर्ष सितंबर में कठुआ के हीरानगर में हथियार गिराने आया ड्रोन हो या फिर वीरवार रात अखनूर के कानाचक्क में मार गिराया गया ड्रोन, इन तीनों घटनाओं में काफी समानताएं हैं। मार गिराए गए तीनों ड्रोन का एक डिजिटल नंबर छोड़कर सभी की सीरीज एक समान है। यही नहीं, हथियार व बम फेंकने वाले ड्रोन में हथियार गिराने के लिए बांधी गई रस्सियों का रंग, बनावट और साइज भी एक जैसा है। जम्मू के अलग-अलग क्षेत्रों में दिखे इन ड्रोन के आने का समय भी एक है। ये तीनों ड्रोन रात के समय एक से डेढ़ बजे के बीच भारतीय क्षेत्र में आए। यही नहीं, इन तीनों ही ड्रोन को सीमा पार पाकिस्तान से संचालित किया जा रहा था।

Edited By: Vikas Abrol