जागरण संवाददाता, जम्मू : गुरुजी को बच्चों की तरह सफाईकर्मियों पर धौंस दिखाना भारी पड़ गया। सफाईकर्मियों ने अपनी ताकत दिखाने के लिए शिक्षक के घर के बाहर कूड़े के ढेर लगा दिए। कचरे की सड़ांध ने परेशानी बढ़ाई, कई जगह गुहार लगाई पर सफाईकर्मियों के गुस्से को देख कोई मदद को आगे नहीं आया तो शिक्षक को माफी मांग जान छुड़ानी पड़ी। वार्ड के पार्षद ने बीच-बचाव करवाया और उसके बाद ही कर्मचारी कचरा उठाने पर राजी हुए।

हुआ यूं कि शहर के वार्ड नंबर 18 के सरवाल क्षेत्र में रहने वाले एक शिक्षक बुधवार को सफाई कर्मी से क्षेत्र की सफाई के मसले पर उलझ पड़े थे और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। बृहस्पतिवार सुबह ही सफाईकर्मी भड़क गए और यहां-वहां से कचरा उठाकर शिक्षक के घर के सामने ढेर लगा दिया। शिक्षक बोले कि उन्होंने कई जगह गुहार लगाई पर उनकी किसी ने नहीं सुनी। पड़ोसी भी इससे काफी परेशान दिखे और दोपहर तक कचरा घर के सामने ही पड़ा रहा।

सफाई कर्मचारियों का आरोप था कि शिक्षक ने कर्मचारी के साथ गाली-गलौज करते हुए उनसे मारपीट कर दी। सफाई कर्मी ने इसकी शिकायत यूनियन के माध्यम से थाने में भी की। अपने साथी कर्मचारी के साथ मारपीट होने पर सफाई कर्मचारी भड़क गए।

पुलिस की कार्रवाई से पहले ही सफाईकर्मी वीरवार सुबह नौ बजे प्रदर्शन करते हुए शिक्षक के घर के सामने जा पहुंचे और कचरे की ट्रालियां वहां उलट दी। यूनियन के सदस्यों अश्विनी कुमार, राजेश, लब्बा, विलियम ने आरोप लगाया कि इस तरह की हाथापाई का किसी को अधिकार नहीं है। इतना ही कर्मचारियों ने कामकाज भी ठप रखा और माफी मांगने पर अड़े रहे। हालांकि वह इस बात का जवाब नहीं दे पाए कि कचरा फेंकने का क्या औचित्य है।

दोपहर करीब दो बजे कॉरपोरेटर दिनेश गुप्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने हस्तक्षेप कर शिक्षक से माफी मंगवाई। इसके बाद सफाई कर्मचारियों ने कूड़े के ढेर उठाए तथा कामकाज शुरू किया।

  • सफाई कर्मचारी का आरोप था कि उससे गाली-गलौज और मारपीट की गई है। यूनियन माफी की मांग कर रही थी। अब विवाद को सुलझा दिया गया है। -- दिनेश गुप्ता, कॉरपोरेटर, वार्ड 18 

Posted By: Rahul Sharma

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