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70 हाईटेक कैमरे लगे, पर चालू एक भी नहीं, जम्मू रिंग रोड पर हादसों के बाद भाग रहे वाहन; पुलिस बेबस

Published: Tue, 20 Oct 2026 07:00 AM (IST)

जम्मू रिंग रोड पर 58 किलोमीटर लंबे मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे लग चुके हैं, लेकिन वे अभी तक चालू नहीं ...और पढ़ें

कंट्रोल रूम के इंतजार में जम्मू रिंग रोड पर बढ़ रहा हादसों का ग्राफ। (फाइल फोटो)

कंट्रोल रूम के इंतजार में जम्मू रिंग रोड पर बढ़ रहा हादसों का ग्राफ। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. 58 किमी रिंग रोड पर कैमरे लगे, पर चालू नहीं।

  2. हादसे और अपराध की निगरानी में बाधा।

  3. कंट्रोल रूम का इंतजार, पुलिस अपने स्तर पर जांच।

दिनेश महाजन, जम्मू। जम्मू रिंग रोड बनने से लोगों को यातायात में काफी सुविधा मिली है, लेकिन इस मार्ग पर सड़क हादसों और आपराधिक गतिविधियों को रोकना चुनौती बना हुआ है। हैरानी की बात यह है कि 58 किलोमीटर लंबे रिंग रोड पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक इन्हें चालू नहीं किया गया है। ऐसे में हादसे के बाद भागने वाले वाहन चालकों और वारदात को अंजाम देकर फरार होने वाले आरोपितों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है।

रिंग रोड विजयपुर, बिश्नाह, मीरां साहिब, सतवारी, कानाचक्क, घरोटा, अखनूर और नगरोटा थाना क्षेत्रों से होकर गुजरता है। मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन चलते हैं। तेज रफ्तार के कारण हादसों का खतरा बना रहता है। अगर कैमरे चालू हों तो संदिग्ध वाहनों की पहचान करने और हादसों के बाद जांच में पुलिस को मदद मिल सकती है।

गौरतलब रहे कि पूरे रिंग रोड पर करीब 70 उच्च क्षमता वाले कैमरे लगाए गए हैं। हर 700 मीटर की दूरी पर एक कैमरा लगाया गया व वह एक किलोमीटर के इलाके पर नजर रखने में सक्षम होगा।

कैमरे लगे, कंट्रोल रूम का इंतजार

रिंग रोड पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम दिसंबर 2025 के अंत में शुरू हुआ था। योजना के तहत पूरे मार्ग पर उच्च क्षमता वाले कैमरे लगाने थे। इन्हें सौर ऊर्जा से चलाने की व्यवस्था भी की गई है। इसके साथ हाईमास्ट लाइटें लगाने की योजना है, ताकि रात में भी सड़क पर निगरानी रखी जा सके।

कैमरे लगाने का काम पूरा होने के बावजूद इन्हें चालू नहीं किया गया है। इनके संचालन के लिए टोल प्लाजा के पास कंट्रोल रूम बनाया जाना है। वहां तकनीकी कर्मचारी कैमरों से मिलने वाली तस्वीरों पर नजर रखेंगे।

हालांकि, कंट्रोल रूम कब तक तैयार होगा और कैमरे कब चालू होंगे, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। कैमरों की कुल संख्या और उनकी मौजूदा तकनीकी स्थिति को लेकर भी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

पुलिस अपने स्तर पर कर रही जांच

एसपी रूरल जम्मू रविंदर सिंह ने बताया कि एनएचएआइ की ओर से कैमरे चालू करने के संबंध में पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि रिंग रोड का करीब 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि एक महत्वपूर्ण टनल का काम अभी जारी है। अपराध और हादसों को रोकने के लिए पुलिस अपने स्तर पर नाके लगाती है।

फिलहाल रिंग रोड पर पुलिस का अलग निगरानी ढांचा नहीं है। एनएचएआइ के अधिकारियों से कैमरे चालू करने की समयसीमा जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

रिंग रोड पर हुए हादसे

 


- 22 सितंबर : मढ़ क्षेत्र में कार की टक्कर से 63 वर्षीय पुरुषोत्तम सिंह की मौत हो गई।
- सितंबर का अंतिम सप्ताह : रिंग रोड पर मोटरसाइकिल हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि तीसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।
- 25 सितंबर: मीरां साहिब के मरालियां गुजर बस्ती के पास वाहनों की चपेट में आने से सात पशुओं की मौत हो गई और तीन घायल हो गए।