श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) ने जम्मू कश्मीर में 44 नए डिजिटल गांवों की स्थापना का रास्ता साफ करते हुए डिजिटल कार्यक्रम को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस दौरान एसएसी ने सरकारी सभागारों या किराये के सभागारों, ऑडिटोरियमों व थियेटरों में मनोरंजन के कार्यक्रमों को शुरू करने के लिए एक समिति का गठन किया है।

अधिकारियों ने बताया कि गांवों में डिजिटल कार्यक्रम की शुरुआत और सरकारी सभागारों में मनोरंजक कार्यक्रमों के लिए समिति के गठन का फैसला गत बुधवार को राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि एसएसी ने जम्मू कश्मीर ई-गवर्नेस एजेंसी (जेकेजा) के माध्यम से जम्मू कश्मीर डिजिटल गांव कार्यक्रम को मंजूरी दी है। योजना का आदर्श वाक्य डिजिटल माध्यमों से पुन: गांव की ओर रखा गया है। इस योजना के तहत मौजूदा ग्राम पंचायत भवन को डिजिटल विलेज सेंटर (डीवीसी) के रूप में नामित किया जाएगा। केंद्रों को विभिन्न सुविधाओं सहित स्मार्ट एलईडी, कंप्यूटर, स्क्रीन, इंटरनेट और अन्य प्रासंगिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

महानगर क्षेत्रीय प्राधिकरण करेंगे राज्य के 2500 गांवों का विकास

राज्य सरकार ने कश्मीर संभाग के नौ जिलों के 1452 गांवों को श्रीनगर मेट्रोपालिटन रिजन डेवलपमेंट अथॉरिटी और जम्मू प्रांत के पांच जिलों के 1107 गांवों को जम्मू मेट्रोपालिटन रिजन डेवलपमेंट अथॉरिटी का हिस्सा बनाया है। दोनों प्राधिकरण अपने अपने कार्याधिकार क्षेत्र में ग्रेटर जम्मू और ग्रेटर श्रीनगर सेटलाइट टाउन व इनमें आइटी पार्क विकसित करेंगे। यह जानकारी वीरवार को राज्य सरकार के प्रवक्ता और योजना एवं निगरानी विभाग के प्रमुख सचिव रोहित कंसल ने आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव धीरज गुप्ता की मौजूदगी में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

योजना एवं निगरानी विभाग के सचिव रोहित कंसल ने बताया कि बढ़ती आबादी और बदलते परिवेश को ध्यान में रखते हुए ही प्रशासन ने राज्य के दोनों राजधानी शहरों के सुनियोजित विकास के लिए दिसंबर 2018 में महानगरीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण अधिनियम, 2018 लागू किया है। इसी अधिनियम के तहत जम्मू मेट्रोपालिटन रिजनल डेवलपमेंट अथॉरिटी और श्रीनगर मेट्रोपालिटन रिजनल डेवलपमेंट अथॉरिटी का गठन किया है। दोनों प्राधिकरणों को संबंधित क्षेत्रों में सुनियोजित विकास को यकीनी बनाने के लिए संबंधित याजनाओं को त्वरित रूप से लागू करने के लिए विभिन्न संस्थाओं में समन्वय बनाने और मेगा परियोजनाओं के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने का भी जिम्मा सौंपा है। दोनों प्राधिकरणों को अवंसरचा विकास योजना भी तैयार करनी है जो एक तरह से अवसंरचना निर्माण के लिए वार्षकि निवेश को निर्देशित करेगी।

अगले कुछ वर्षो में वार्षकि योजना का मुख्य ध्यान व जोर अवंसरचना जिसमें सड़क, पेयजल, सीवरेज, स्टार्म वॉटर ड्रेनेज, सार्वजनिक परिवहन, लाइट रेल, ई-बस सेवा व अन्य सुविधाएं हैं, मे कमी को रोकने पर रहेगा। कंसल ने बताया कि अवंसरचना निर्माण और विकास के अलावा दोनों प्राधिकरण पुलिस, नगर निगमों और उपायुक्तों के साथ विचार विमर्श के आधार पर संबधित क्षेत्रों में आवाजाही के प्रबंधन के लिए समग्र मोबलिटी मैनेजमेंट योजना बनाएंगे। हरित पटटियों के विकास, जल संरक्षण, बेकार पानी की सफाई, वाटर रिसायकलिंग,रेनवॉटर हार्वेङ्क्षस्टग, ऊर्जा संरक्षण, नवीकरण ऊर्जा अैर शहरों में पार्क व खुले स्थानों का भी प्रावधान करेंगी। उन्होंने बताया कि गत शाम को राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता में हुई राज्य प्रशासनिक परिषद की बैठक में दोनो मेट्रोपालिटन रिजनल डेवलपमेंट अथॉरिटी में कुछ और इलाकों को भी शामिल करने का फैसला हुआ।

सोशल फॉरेस्टरी शाखा की सेवाएं पंचायत को

राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता वाली राज्य प्रशासनिक परिषद ने वन विभाग की सोशल फारेस्टरी शाखा की सेवाएं पंचायती राज संस्थानों के हवाले करने पर मुहर लगा दी है। जम्मू कश्मीर पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों पर कार्रवाई करते हुए वन विभाग ने शाखा सोशल फारेस्टरी की सेवाएं पंचायती राज संस्थानों के हवाले करने का फैसला किया था। अब इस पर राज्य प्रशासनिक परिषद की भी मुहर लग गई है। यह फैसला जम्मू कश्मीर पंचातयी राज अधिनियम 2018 के प्रावधानों के तहत एसआरओ 61 आफ 1992, एसआरओ 17 आफ 1999 व एसआरओ 143 आफ 2011 में संशोधन कर किया गया है।

पंचायतों को होगा योजनाओं व गतिविधियों के संचालन का जिम्मा

अब साेशल फारेस्टरी की योजनाओं, गतिविधियों के संचालन का जिम्मा पंचायतों का होगा। पंचायतें बेकार भूमि पर पेड़ लगाने, सोशल फारेस्टरी, फार्म फारेस्टरी के विकास व उनकी उपज के निपटारे की जिम्मेवारी संभालेंगे। पंचायतें पौधारोपण अभियान चलाने के लिए जगह की पहचान करने के साथ मवेशियों के चारे के लिए पेड़ लगाने, जलाने की लकड़ी, फलदार पेड़ लगाने, नर्सरियां भी स्थापित करेंगी। इसके साथ सोशल फारेस्टरी की योजनाएं बनाने में भी पंचायतों की अहम भूमिका होगी।

सरपंच या पंच होंगे विलेज एग्जीक्यूटिव कमेटियों के चेयरमैन

क्षेत्रीय वन अधिकारी विलेज कमेटियों को विश्वास में लेकर काम करेंगी। इसके साथ पंचायतें इन योजनाओं में क्षेत्र के श्रमिकों को भी रोजगार देंगी। इसी बीच योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए बनाए जाने वाली विलेज एग्जीक्यूटिव कमेटियों के चेयरमैन सरपंच, या पंच होंगे। विलेज फारेस्ट कमेटियां विभाग के स्टाफ के साथ मिलकर लगाए गए पौधों को निगरानी भी करेंगी। इसके साथ सोशल फारेस्टरी की योजनाओं के लिए आने वाले फंड भी पंचायतों द्वारा ही इस्तेमाल किए जाएंगे।

लद्दाख डिवीजन में 495 नए पद सृजित

जम्मू कश्मीर के तीसरे डिवीजन लद्दाख को क्रियाशील बनाने के लिए 495 पद सृजित किए जाने से लेह व कारगिल जिलों में हर्ष की लहर है। राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता वाली राज्य प्रशासनिक परिषद की बैठक में कामकाज को तेजी देने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों, उनके सहयोगियों के पद सृजित किए गए हैं। इस फैसले के साथ लद्दाख में विभागीय कामकाज को तेजी मिलेगी। ऐसे में वीरवार को लद्दाख के भाजपा सांसद जामियांग त्सीरिंग नांग्याल व लद्दाख अटानमस हिल डेवेलपमेंट काउंसिल कारगिल के चीफ एग्जीक्यूटिव काउंसिलर फिरोज अहमद खान ने राज्यपाल का आभार जताया। उन्होंने यहां जारी बयान में कहा है कि राज्यपाल के इस अहम फैसले से लद्दाख के लोगों की एक पुरानी मांग पूरी हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्यपाल प्रशासन लद्दाख संभाग में विकास को तेजी देने के लिए भविष्य में भी जनहित के फैसले करेगा। इस फैसले से लोगों में विश्वास पैदा हुआ है। राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता वाली राज्य प्रशासनिक परिषद की बैठक में 12 निदेशकों, 4 मुख्य अभियंताओं, 4 संयुक्त निदेशकों, अन्य कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सहयोगी स्टाफ के 470 पद सृजित करने का फैसला हुआ था।

लेह हिल काउंसिल के नए काउंसिलर मनोनीत

लद्दाख अटानमस हिल डेवेलपमेंट काउंसिल लेह के चीफ एग्जीक्यूटिव काउंसिलर ग्याल पी वांग्याल ने वीरवार को अपने 3 एग्जीक्यूटिव काउंसिलर मनोनीत कर दिए। वांग्याल ने स्कुरबुचान के फुंसोग स्टेंजिन, चुशोत के मुमताज हुसैन व चुशुल इलाके के कोनचोक स्टेंजिन को लेह हिल काउंसिल कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में एग्जीक्यूटिव काउंसिलर बनाने का फैसला किया। बनाए गए नए एक्सीक्यूटिव काउंसिलरों को अगले कुछ दिनों में विभागों के पद्भार भी दे दिए जाएंगे। भाजपा सांसद जामियांग त्सीरिंग नांग्याल के गत माह हिल काउंसिल के चीफ एग्जीक्यूटिव काउंसिलर के पद से इस्तीफा देने के बाद एग्जीक्यूटिव काउंसिलरों के पद भी खाली हो गए थे। चीफ एग्जीक्यूटिव काउंसिलर ग्याल पी वांग्याल ने चुनाव के बाद मंगलवार को पद्भार संभाल लिया था। दाे दिन बाद उन्होंने नए एग्जीक्यूटिव काउंसिलर बना दिए।

Posted By: Rahul Sharma

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