संवाद सहयोगी, रामगढ़ : उपजिला अस्पताल सीएचसी रामगढ़ में प्रमुख डॉक्टरों की स्थायी नियुक्ति न होने से मरीज दरबदर हो रहे हैं। हर दिन मरीज अपने उपचार के लिए उपजिला अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन वहां पर विशेषज्ञ तथा शल्य चिकित्सक कभी कभार अपने केबिन में बैठे नजर आते हैं। सीएचसी में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को उपलब्ध करवाने के उदेश्य से जिन प्रमुख डॉक्टरों की यहां अटैचमेंट की गई है, स्थायी तौर पर इन डॉक्टरों की ड्यूटी सांबा जिले के घगवाल ब्लॉक में रखी गई है। ऐसे में दो अलग-अलग ब्लॉकों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना इन डॉक्टरों के लिए भी परेशानी का सबब बन रहा है।

सीमांत क्षेत्र के लोगों को उपजिला अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं न मिलने से उच्च स्वास्थ्य विभाग की हर तरफ आलोचना हो रही है। सीमांत क्षेत्र के निवासी सरपंच कुलदीप कुमार, काली दास, यशपाल, पूर्व सरपंच मोहन सिंह भट्टी, तेजिद्र सिंह, प्रेमपाल व अन्य ने कहा कि पाक गोलाबारी प्रभावित सीमांत क्षेत्र के प्रमुख सरकारी अस्पताल में कोई भी डॉक्टर स्थायी तौर पर नियुक्त नहीं है। शल्य चिकित्सक, विशेषज्ञ चिकित्सक, अल्ट्रासाउंड एक्सपर्ट, हड्डी रोग विशेषज्ञ आदि अटैचमेंट के तौर पर यहां नियुक्त किए गए हैं। इस अटैचमेंट पॉलिसी के माध्यम से उच्च स्वास्थ्य विभाग सीमांत लोगों को बेहतर सेवाएं देने में नाकाम हो रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रशासन व सरकार सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड करने और लोगों को नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर सरकारी प्रमुख अस्पतालों में डॉक्टरों की स्थायी नियुक्ति पर कोई गौर नहीं किया जाता। लोगों ने उच्च स्वास्थ्य विभाग व राज्यपाल से इस समस्या पर गौर कर अस्पताल में स्थायी डॉक्टरों को नियुक्त करने की मांग की है।

इस संबंध में अस्पताल प्रबंधक बीएमओ पलविदर सिंह से बात की गई तो उन्होंने अस्पताल की कमियों से उच्च प्राधिकरण को अवगत करवाने की बात कही। उनका कहना है कि उच्च स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ही लोगों की इन मांगों को पूरा कर बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवा सकते हैं।

Posted By: Jagran

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