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PoJK में छिपा मुश्ताक मीर भगोड़ा घोषित, जम्मू NIA कोर्ट का बड़ा फैसला; 1995 में LoC पार कर बना था आतंकी

Published: Thu, 15 Oct 2026 11:32 AM (IST)

जम्मू की विशेष एनआईए अदालत ने राजौरी निवासी मुश्ताक अहमद मीर को भगोड़ा घोषित किया है। उस पर 1995-96 में ...और पढ़ें

जम्मू की विशेष NIA अदालत ने राजौरी के मुश्ताक को भगोड़ा घोषित किया। (फाइल फोटो)

जम्मू की विशेष NIA अदालत ने राजौरी के मुश्ताक को भगोड़ा घोषित किया। (फाइल फोटो)

जागरण संवाददाता, जम्मू। जम्मू की विशेष एनआईए अदालत ने राजौरी जिले के एक निवासी मुश्ताक अहमद मीर को भगोड़ा घोषित किया है। आरोपित पर वर्ष 1995-96 के दौरान नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार कर आतंकवाद में शामिल होने और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में शरण लेने का आरोप है।

अदालत में बार-बार कानूनी कार्यवाही के बावजूद पेश न होने पर यह आदेश जारी किया गया। मुश्ताक अहमद मीर पुत्र गुलाम रसूल मीर, राजौरी जिले के दरहाल क्षेत्र के थानामंग स्थित कश्मीरी मोहल्ला का निवासी है।

दरहाल पुलिस स्टेशन के एसएचओ की ओर से पेश रिपोर्ट के अनुसार आरोपित ने कथित तौर पर वर्ष 1995-96 में नियंत्रण रेखा पार की थी और आतंकवाद में शामिल हो गया था। रिपोर्ट में उसके पीओजेके में रहने की बात भी कही गई है।

गैर-जमानती वारंट भी नहीं हुए तामील

अदालत को बताया गया कि आरोपित के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे लेकिन उन्हें तामील नहीं किया जा सका।

इसके बाद 20 जुलाई 2026 को उसे अदालत में पेश होने का निर्देश दिया गया। पूरे मामले पर गौर करने के बाद अदालत ने कहा कि आरोपित कथित तौर पर फरार है और जानबूझकर कानूनी प्रक्रिया से बच रहा है।

भगोड़ा घोषित हुआ मुश्ताक अहमद मीर

अदालत ने यह भी पाया कि जांच एजेंसी के प्रयासों के बावजूद निकट भविष्य में उसकी गिरफ्तारी की संभावना नहीं दिख रही है।

इसके बाद अदालत ने मुश्ताक अहमद मीर को भगोड़ा घोषित करते हुए आदेश की प्रति जम्मू स्थित गवर्नमेंट रणबीर प्रेस को भेजने के निर्देश दिए ताकि इसे आधिकारिक राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जा सके।