जागरण संवाददाता, जम्मू : किश्तवाड़ में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं उनके भाई की हत्या के विरोध में जम्मू में भी भारी गुस्सा देखने को मिला। विभिन्न पार्टियों, संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरते हुए यातायात अवरुद्ध कर दिया। दुकानों को भी बंद करवाया। शुक्रवार सुबह से ही शहर के विभिन्न इलाकों में प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया।

शक्ति सेना के कार्यकर्ताओं और भद्रवाह और किश्तवाड़ के रहने वालों ने जानीपुर मुख्य मार्ग पर एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जानीपुर चौक में टायर जलाकर रोष जाहिर किया। इस दौरान इलाके की सभी दुकानों को बंद करवा दिया। करीब दो घंटे तक यहां प्रदर्शन के बाद लोग न्यू प्लॉट की ओर से होते हुए अम्बफला की रवाना हो गए। इस दौरान रास्ते में उन्होंने दुकानों को बंद करवाया। जगह-जगह खड़े होकर नारेबाजी भी की। सैकड़ों की संख्या में युवा भी इसमें शामिल थे। पैदल और दो पहिया वाहनों पर सरकार विरोधी प्रदर्शन किए गए। यह प्रदर्शनकारी जब अम्बफला पहुंचे तो पहले से सतर्क पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया।

हाथों में तिरंगा लिए यह युवा आतंकवादियों को कुचलने और अलगाववादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि सरकार की ढुलमुल नीतियों के चलते ही आतंकवादियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। जिस किश्तवाड़ पर आतंकवाद की काली छाया नहीं पड़ी थी, सरकारी अनदेखी से आज उसे भी ग्रहण लग गया। उन्होंने कहा कि जम्मू संभाग में ¨हसा भड़कने और लोगों की भावनाओं से खेलने के लिए ऐसे कृत्य किए जा रहे हैं। राज्यपाल को चाहिए कि वह सख्त कदम उठाएं। समय आ गया है जब अलगाववादियों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जाए। प्रदर्शन कर रहे निर्मल कुमार, राजेश, अंकु, विनोद ने कहा कि ¨हदुओं पर दबाव बनाने के लिए आतंकवादी ऐसी घटनाओं को अंजाम देने लगे हैं। अगर अब भी सरकार नहीं जागी तो इसके परिणाम घातक होते चले जाएंगे। ऐसा न हो कि सरकार देखती रह जाए और मजबूर लोग घरों को छोड़कर पलायन कर बैठें। यही समय है जब सरकार को लोगों में अपना विश्वास कायम करना होगा।

इसी बीच रिहाड़ी चौक में युवाओं ने किश्तवाड़ में दुखद हमले के विरोध में धरना देकर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्यपाल सत्यपाल मलिक से अपील की कि वह बिना देरी आतंकवादियों के खिलाफ सख्ती के निर्देश दें। केंद्र सरकार को भी इस संबंध में लिखें ताकि जम्मू वासियों का विश्वास सरकार पर बना रहे। उन्होंने कहा कि अलगाववादी ताकतें जम्मू को तोड़ना चाहती हैं। ऐसा लग रहा है कि किश्तवाड़ व आसपास के इलाकों से हिंदुओं का पलायन करने की साजिश रची जा रही है। सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश भाजपा नेता की हत्या को जम्मू संभाग में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने व शांति भंग करने का प्रयास करार देते हुए जम्मू प्रोविंस पीपुल्स फोरम (जेपीपीएफ) ने राष्ट्र विरोधी ताकतें शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने के साथ क्षेत्र के धार्मिक व सामाजिक भाईचारे को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। फोरम के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को तवी पुल पर स्थित महाराजा हरि सिंह की प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया।

इस मौके पर फोरम प्रधान पवित्र ¨सह ने किश्तवाड़ घटना के लिए प्रशासन को भी जिम्मेदार ठहराया। विरोध प्रदर्शन के दौरान फोरम के कार्यवाहक प्रधान एमएस कटोच के अलावा इन्द्रजीत खजूरिया, ठाकुर नारायण सिंह, एमएल शर्मा, अविनाश भाटिया, आरएस जम्वाल, राजेंद्र गुप्ता, बलवान सिंह, गुरमीत सिंह, प्रो. ओपी शर्मा, प्रो. दर्शन सिंह, प्रीतम शर्मा, पवन शर्मा, राजीव महाजन, सुरेंद्र वीर, कमला शर्मा, सुनीता शर्मा, एससी सूरी व कृष्ण ¨सह मुख्य रूप से मौजूद रहे।

दिनभर सतर्क रहे सुरक्षा कर्मी

एहतियात के तौर पर जम्मू शहर में तैनात सुरक्षा कर्मियों को हाई अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए। भाजपा नेता की मौत के विरोध में दिन भर शहर में प्रदर्शनों का दौर जारी रहा। जिन स्थानों में प्रदर्शन हुआ में पुलिस के डीएसपी रैंक के अधिकारी के साथ तहसीलदार रैंक के अधिकारी को भी तैनात किया गया था, ताकि तहसीलदार स्थिति के अनुसार पुलिस को जरूरी दिशा निर्देश मौके पर हीं जारी कर सकें। वीरवार रात को जैसे ही किश्तवाड़ में हुए आतंकी हमले की सूचना पुलिस कंट्रोल तक पहुंची तो वहीं से सभी नाकों को वायरलेस पर अलर्ट कर दिया गया। पुलिस नाकों पर कर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई जबकि कई अन्य संवेदनशील इलाकों में विशेष नाकेबंदी भी कर दी गई। पुलिस के आला अधिकारी एसएसपी जम्मू विवेक गुप्ता, एसपी सिटी अमृतपाल सिंह, एसडीपीओ वरुण जंडियाल ने भी शहर में लगे नाकों की जांच की और पुलिसकर्मियों को नाकों पर अलर्ट रहने की हिदायत दी।

वहीं, शुक्रवार सुबह से ही शहर के इंदिरा चौक, बिक्रम चौक, विवेकानंद चौक, केनाल रोड, अंबफला चौक, पलौड़ा नाके पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती कर दी और हर आने जाने पर नजर रखी जाने लगी। पुलिस ने बस स्टैंड इलाके से निकलने वाली गाड़ियों को भी अपनी सुरक्षा के बीच रवाना करवाया। पुलिस ने इस दौरान बसों में सवार यात्रियों से बसों में संदिग्ध या लावारिस वस्तु देखे जाने पर उसे न छूने और तुरंत पुलिस को सूचित करने को कहा। एसएसपी जम्मू विवेक गुप्ता के अनुसार जवानों को सतर्क रहने के लिए कहा गया था, दिन भर कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए लेकिन यह प्रदर्शन शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हो गए।

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