जागरण संवाददाता, जम्मू : प्रधानमंत्री रोजगार पैकेज के तहत नौकरी के लिए चयन प्रक्रिया से गुजर चुके कश्मीरी पंडित युवाओं ने राज्य प्रशासन से जल्दी चयन सूची जारी िकिए जाने की मांग की है। शनिवार को राज्यपाल भवन के बाहर दूसरे दिन भी धरना प्रदर्शन कर इन कश्मीरी पंडित युवाओं ने कहा कि अब तो लंबा अरसा गुजर गया मगर चयन सूची जारी नहीं की गई। प्रधानमंत्री का रोजगार का पैकेज तभी पूरा हुआ माना जाएगा, जब उसमें किए गए वायदों को पूरा किया जाए। कश्मीरी पंडित युवाओं ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारे लगाए और कहा कि अगर इंसाफ नहीं मिला तो इन युवाओं को सड़कों पर उतर कर उग्र धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। प्रदर्शन का आयोजन ऑल इंडिया कश्मीरी यूथ समाज के बैनर तले किया गया। मौके पर संबोधित करते हुए अनिल भट्ट ने कहा कि 1990 में कश्मीरी पंडित अपने घर संपत्ति घाटी में छोड़कर यहां पर आए। लोगों के रोजगार छिन गए। नई पीढ़ी भी बुरी तरह से प्रभावित हुई। हालांकि कुछ साल पहले प्रधानमंत्री रोजगार पैकेज की घोषणा हुई ताकि इन कश्मीरी पंडित युवाओं को रोजगार मिल सके। मगर अभी थोड़े ही पद भरे थे कि सरकार ने यह प्रक्रिया ही बंद कर दी। भट्ट ने कहा कि कश्मीरी युवाओं के साथ इंसाफ तभी होगा जब प्रधानमंत्री पैकेज को पूरी तरह से लागू कराया जाए।

मौके पर राजन, संजय, अनिल, सुभाष ने भी संबोधित किया। आल इंडिया कश्मीरी यूथ समाज ने कहा कि कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार गंभीरता से सोचे ही वहीं इन कश्मीरी पंडित युवाओं को रोजगार भी दिलाए। अगर इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया तो कश्मीरी पंडित युवाओं को सड़कों पर आने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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