जम्मू, राज्य ब्यूरो : जम्मू कश्मीर के 14 डिग्री कॉलेजों में सेंटर फॉर इनोवेशन, इंक्यूबेशन टेक्नोलॉजी (सीआइआइटी) स्थापित करने की तैयारी है। फिलहाल ऐसे सेंटर जम्मू-कश्मीर में सिर्फ दो ही हैं जो जम्मू के पालीटेक्निक कालेज विक्रम चौक और बारामुला पालीटेक्निक कालेज में स्थापित किए गए हैं। इन सेंटरों को स्थापित करने में करीब तीन सौ करोड़ का खर्च आया है। इसे टाटा टेक्नोलॉजी ने स्थापित किया है। मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता ने इन सेंटरों की अहमियत को देखते हुए इन्हें जम्मू कश्मीर के 14 डिग्री कालेजों में स्थापित करने के लिए कहा है।

कालेजों में सेंटर स्थापित कर विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी उपलब्ध करवाई जाएगी ताकि मार्केट में पैदा हो रहे रोजगार के अवसरों का फायदा विद्यार्थी उठा सकें। वहीं दूसरी तरफ जम्मू संभाग व कश्मीर संभाग में सात सात कालेजों में ये सेंटर स्थापित होंगे। जम्मू के साइंस कालेज, महिला कालेज परेड, मौलाना आजाद मेमोरियल कालेज, ऊधमपुर, कठुआ के डिग्री कालेजों के अलावा जम्मू संभाग के कुछ प्रमुख डिग्री कालेजों और श्रीनगर के डिग्री कालेजों में सीआइआइटी बनाए जाएंगे।

इन सेंटरों में आधुनिक मशीनें व उपकरण लाएं जाएंगे। टाटा टेक्नोलॉजी समेत करीब बीस प्रमुख कंपनियों का ग्रुप सेंटर स्थापित करने में सहयोग देगा। कंपनियां इस संबंध में सर्वे भी कर चुकी हैं। जम्मू कश्मीर सरकार इसमें धनराशि का करीब दस फीसद सहयोग देगी। शेष रकम कंपनियां खर्च करेगी। विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देकर उनके कपंनियों में रोजगार भी उपलब्ध हो जाएगा। कंपनियों में किस तरह से काम करना है, किस तरह के उपकरण, मशीनरी से काम करना है, कोर्स के हिसाब से प्रेक्टिकल प्रशिक्षण दिया जाएगा। रोबोटिक्स, आटोमोबाइल इंजीनियरिंग, डिजिटल उत्पादन और इलेक्ट्रिकल वाहन डिजाइन के कोर्स शुरू किए जाएंगे।

वहीं कालेजों को अधिक अधिक स्वायत्तता देने के साथ नेशनल एक्रीडिशेन व असेसमेंट काउंसिल (नैक) की मान्यता के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में पचास फीसद से अधिक कालेज ऐसे है जिन्हाेंने नैक की मान्यता हासिल नहीं की है। कोरोना से उपजे हालात के कारण इस समय कॉलेज बंद किए गए हैं। आनलाइन शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है। कोरोना के कारण सेंटर स्थापित करने में देरी हो रही है। फिर भी आने वाले दो तीन महीनों में सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

Edited By: Lokesh Chandra Mishra