जागरण संवाददाता, जम्मू : वादी में ट्रांजिट कैंप में रह रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को स्वच्छ जलापूर्ति न मिलने का मुद्दा विधान परिषद में गूंजा। सुरेंद्र मोहन अंबरदार ने पीएचई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कर्मचारियों द्वारा शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। विभाग ने सदन में जो सैंपल रिपोर्ट पेश की है वह भी सही नहीं है। वहीं, सदन में मौजूद गिरधारी लाल रैणा ने पीएचई मंत्री से इन शिविरों का दौरा करने की अपील की।

अंबरदार ने पीएचई मंत्री को बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत नियुक्त कश्मीरी पंडित कर्मचारी जिन शिविरों में रह रहे हैं, वहां पानी की बेहतर सप्लाई नहीं दी जा रही है। उनके प्रश्न के लिखित जवाब में विभाग ने जो आंकड़े दिए हैं, वे भी उनकी रिपोर्ट से मेल नहीं खा रहे हैं। इस पर पीएचई मंत्री शाम लाल चौधरी ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि वीसू, वीरवान, नटनूसा, हाल, शेखपोरा और मट्टन ट्रांजिट कैंप में प्रदूषण मुक्तपेयजल की आपूर्ति की जा रही है।

मंत्री ने सदन को बताया कि विभाग राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम (एनआरडीडब्ल्यूपी) के अनुसार नियमित तौर पर पानी की जांच करता है। चालू वित्त वर्ष के दौरान भी विभाग ने वासू, वीरवान बारामुला, न्यूटनुसा और हॉल ट्राजिट कैंप में विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं से 58 नमूनों का परीक्षण किया गया है। उन्होंने गिरधारी लाल रैणा से कहा कि यदि वह इससे संतुष्ट नहीं हैं तो उनके साथ इन कैंप का दौरा करेंगे। इस बीच सोफी यूसुफ और जावेद अहमद मिर्च ने भी मुख्य प्रश्न के पूरक पूछे।

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