जम्मू, राज्य ब्यूरो । जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद पहली बार पूरे देश के युवाओं को नौकरियों के लिए आवेदन करने की छूट मिलने पर राजनीति गर्मा गई है। विपक्षी पार्टियों कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस, पैंथर्स ने इसे राज्य के नौजवानों से धोखा करार दिया है। इसके साथ ही इस मुद्दे को तूल देने की तैयारियों में जुट गई है। 

अनुच्छेद 370 हटने से पहले राज्य में नौकरियों के लिए स्टेट सब्जेक्ट मांगा जाता था। विज्ञापन में साफ तौर पर लिखा होता था कि सिर्फ जम्मू कश्मीर के स्थायी निवासी ही नौकरियों के लिए आवेदन करें। इसके साथ ही स्टेट सब्जेक्ट को लगाना अनिवार्य होता था। अब हाईकोर्ट में 33 पदों के लिए जो आवेदन मांगे गए हैं, उनके लिए बाहरी राज्यों के उम्मीदवार भी फार्म भर सकते हैं।

इस संबंध में विज्ञापन जारी किया गया है। गैर राजपत्रित पदों में सीनियर स्केल स्टेनोग्राफर, जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर, स्टेनो टाइपिस्ट, कम्पोजिटर, इलेक्ट्रिशयन और ड्राइवर के पद शामिल हैं। जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार संजय धर की तरफ से 26 दिसंबर को जारी किए गए विज्ञापन में आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2020 निर्धारित की गई है। जम्मू कश्मीर व लद्दाख के स्थायी निवासियों को इन पदों के लिए आवेदन अपने क्षेत्र के ङ्क्षप्रसिपल जिला जज के कार्यालय में जमा करवाने हैं।

बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को रजिस्ट्रार जनरल के पास भेजना होगा आवेदन

बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को आवेदन हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के पास भेजने होंगे। न्यायिक अधिकारियों को छुट्टियों में भी आवेदन स्वीकार करने की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। जम्मू कश्मीर व लद्दाख के सभी ङ्क्षप्रसिपल जिला जज सात फरवरी 2020 तक आवेदन फार्म और आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की सूची रजिस्ट्रार जनरल के कार्यालय में जमा करवाएंगे। नियुक्ति की प्रक्रिया जम्मू कश्मीर आरक्षण नियम 2005 के तहत होगी।

ओपन मेरिट में उम्मीदवारों की आयु सीमा 18 साल से कम न हो

ओपन मेरिट में उम्मीदवारों की आयु सीमा एक जनवरी 2020 को 18 साल से कम नहीं और 40 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), रिजर्व बैकवर्ड एरिया (आरबीए), वास्तविक नियंत्रण रेखा (एएलसी), अदर सोशल कास्ट (ओएससी) श्रेणी वाले उम्मीदवारों के अधिकतम आयु 43 वर्ष रखी गई है। दिव्यांगों के लिए अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष, पूर्व सैनिकों के लिए 48 वर्ष और सरकारी सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों के लिए 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।

स्थानीय युवाओं को ही नौकरियों में मिलेगी तरजीह : रैना

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रविंद्र रैना ने कहा कि जम्मू कश्मीर की नौकरियों में स्थानीय युवाओं को ही तरजीह दी जाएगी। पार्टी इस मामले में वचनबद्ध है। अभी तक सरकार की तरफ से कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। नौकरियों में आवेदन उच्च न्यायालय की तरफ से मांगे गए हैं। पार्टी की कोशिश होगी कि कानूनी प्रावधान बनाया जाए ताकि राज्य के युवाओं के हितों की रक्षा हो सके। जम्मू कश्मीर के युवाओं को नौकरियों में प्राथमिकता पर पार्टी का रवैया स्पष्ट है। युवाओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है।

जम्मू के नौजवानों से भाजपा ने किया धोखा : रविंद्र शर्मा

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बाहरी राज्यों के युवाओं के लिए जम्मू कश्मीर की नौकरियों में आवेदन करने की छूट देने के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रङ्क्षवद्र शर्मा ने कहा कि भाजपा का पर्दाफाश हो गया है। भाजपा लोगों को आश्वासन दे रही थी कि जम्मू कश्मीर की नौकरियों और भूमि के अधिकार स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षित रहेंगे, लेकिन जम्मू के नौजवानों से धोखा किया गया है। इस मुद्दे पर भाजपा को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में पहले से ही बेरोजगारी बहुत अधिक है। प्राइवेट सेक्टर में रोजगार के अवसर सीमित हैं। ऐसे में जम्मू कश्मीर के युवाओं के हितों की रक्षा हर हाल में होनी चाहिए।

जम्मू कश्मीर की नौकरियां बाहरी राज्यों के लोगों के लिए न हो : राणा

नेशनल कांफ्रेंस के प्रांतीय प्रधान देवेंद्र राणा ने कहा कि जम्मू कश्मीर की नौकरियां सिर्फ स्थानीय युवाओं को ही दी जानी चाहिए। जम्मू कश्मीर की नौकरियां बाहरी राज्यों के लोगों के लिए नहीं होनी चाहिए। इससे राज्य में बेरोजगारी में बढ़ोतरी होगी। यहां के युवाओं के हितों की रक्षा हर हाल में होनी चाहिए। जम्मू कश्मीर के युवाओं को नौकरियां देने के लिए फास्ट ट्रैक प्रक्रिया को अपनाया जाना चाहिए। जम्मू कश्मीर के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में भर्ती के लिए विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए।

जम्मू कश्मीर के युवाओं का मनोबल तोड़ा जा रहा : हर्षदेव सिंह

पैंथर्स पार्टी के चेयरमैन हर्षदेव सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर की नौकरियां बाहरी राज्यों के लोगों को देने के फैसले को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। जम्मू कश्मीर के युवाओं का मनोबल तोड़ा जा रहा है। जम्मू कश्मीर में प्राइवेट सेक्टर में नौकरियों के अवसर बहुत कम हैं। ऐसे समय में बाहरी राज्यों के युवाओं को जम्मू कश्मीर की नौकरियों में आवेदन करने की छूट देना स्थानीय युवाओं के साथ बेइंसाफी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय ने बाहरी राज्यों के लिए नौकरियों के अवसर नहीं खोले हैं। इससे पहले भी जम्मू कश्मीर ट्रेड प्रोमोशन आर्गेनाइजेशन ने 17 दिसंबर को विज्ञापन जारी करते हुए अखिल भारतीय स्तर पर आवेदन मांगे थे। प्रोफेशनल इंटरनस के सात पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे, जिसमें 25 हजार रुपये प्रतिमाह भत्ता दिया जाना है। भाजपा जम्मू के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने पर तुली हुई है।

 

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