जागरण संवाददाता, ऊधमपुर : लखनऊ से आए परिवार की तलाश में पुलिस एवं उनके साथ युवा स्वयंसेवकों की टीम दिनभर नाले, दरिया और जंगलों में खाक छानती रहीं। इसके अलावा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) दुर्गम क्षेत्रों में भी टीमें परिवार को तलाश रही हैं पर सोमवार देर रात तक भी उनका सुराग नहीं लगा।

लखनऊ के विकास नगर के परिवार के तीन सदस्य शुक्रवार से जम्मू-श्रीनगर से लापता हैं। परिवार के सदस्यों से शुक्रवार को हुई वाट्सएप चैट के बाद उनका कोई सुराग नहीं लग रहा है। बताया जा रहा है कि अंतिम बार चैट के समय वह रामबन जिले के रामसू क्षेत्र के आसपास थे। शनिवार को परिवार ने पुलिस का सूचना दी थी। उसके बाद से रामबन और ऊधमपुर में तलाशी अभियान छेड़ा गया था।

अब माना जा रहा है कि परिवार ऊधमपुर से आगे निकल गया पर कश्मीर घाटी में नहीं पहुंच पाया। इसी वजह से रामबन जिले में तलाशी अभियान तेज किया गया है। पुलिस के साथ हाईवे के स्वयंसेवी संगठन भी तलाश में जुटे हैं। संयुक्त टीमों ने हाईवे से नीचे गहरी खाई में उतरकर नालों, और दरिया और जंगल में भी तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं लग पाया।

एसपी रामबन मोहित शर्मा ने बताया कि लापता परिवार की तलाश में अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार को भी सुबह से शाम तक रामबन जिले के रामसू और बनिहाल क्षेत्र में यह तलाशी अभियान जारी रहा, जिसमें जिला पुलिस के साथ-साथ एसडीआरएफ के जवानों ने तलाश की। हाईवे से नीचे उतरकर गहरी खाई में भी तलाश की गई। वहीं, पुलिस ने रामबन और बनिहाल क्षेत्र में स्थित होटल वालों से भी लापता लोगों के रुकने के बारे में पूछताछ की, मगर जिले में कहीं पर भी उनकी मौजूदगी का कुछ पता नहीं चल पाया है।

लखनऊ से ट्रेन से पहुंचे थे जम्मू

बताया जा रहा है कि लखनऊ के विकास नगर निवासी महमूद खान, उनकी पत्नी द्राक्षा खान और बेटा शाहनवाज खान कश्मीर जा रहे थे। वह ट्रेन से जम्मू पहुंचे और किसी वाहन से जम्मू से कश्मीर के लिए रवाना हुए लेकिन भूस्खलन के कारण हाईवे पर फंस गए। शुक्रवार को इन्होंने परिवार से वाट्सएप चैट में लिखा था कि कश्मीर नहीं पहुंच पाए हैं और पिता की तबीयत भी खराब हो रही है। महमूद खान हाल ही में इंडियन आयल कारपोरेशन से सेवानिवृत्त हुए हैं।

Edited By: Lokesh Chandra Mishra