जागरण संवाददाता, जम्मू : राइटर्स फोरम, जम्मू की ओर से आयोजित बहुभाषी मुशायरे में कवियों ने विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक मुद्दों को उकेरा। किसी ने प्राकृतिक चित्रण किया तो किसी ने आसपास की घटनाओं को अपनी रचनाओं से रंग दिया।

जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति एवं भाषा अकादमी के केएल सहगल हाल में आयोजित इस मुशायरे में दुबई में रहने वाले प्रसिद्ध लेखक डॉ. अरविद रैना मुख्य अतिथि थे। लेखक अहमद शेकास गेस्ट ऑफ आनर थे। डोगरी संस्था के अध्यक्ष प्रो. ललित मगोत्रा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। राइटस फोरम के संरक्षक पृतपाल सिंह बेताब, अध्यक्ष सुधीर महाजन एवं कई वरिष्ठ साहित्यकार कार्यक्रम में मौजूद थे।

मुशायरे में उर्दू, पंजाबी, गोजरी और हिदी में अपनी कविताओं का पाठ करने वाले कवियों में एमएस कामरा, अमर सिंह कूका, हरजीत सिंह उप्पल, शाम साजन, सुधीर महाजन, जंग एस वर्मन, अमीन बनिहाली, अमरजीत कौर नीर, सूरज रतन, सुमन पाल, मोहम्मद बकीर सबा, रामपॉल डोगरा, भूपिद्र सिंह भार्गव, हरजीत उप्पल, गुलाम सरवर चौधरी, चरणजीत सिंह चन्नी, जोगिदर सिंह पांधी, बलविदर सिंह दीप, विजया ठाकुर, रणधीर सिंह रायपुरिया, एमएस कामरा, तारा चंद कलंदरिया, डॉ. पवन खजुरिया, डा. राज कुमार, शाम तालिब आदि शामिल थे।

इस अवसर पर प्रो. ललित मगोत्रा ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि सभी कवियों ने समाज के विभिन्न मुद्दों और उनके दृष्टिकोण के साथ अपनी चिताओं को प्रदर्शित करने के लिए अपनी कविता का सबसे अच्छा पाठ किया। उन्होंने कहा कि लेखक और कवि अपनी रचनाओं से समाज का नेतृत्व कर सकते हैं और सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से समाज को जोड़ सकते हैं। उन्होंने अपनी चुनिदा कविताओं का पाठ भी किया।

डॉ। अरविद रैना ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए और अपनी कविता का पाठ किया। उन्होंने इस तरह के आयोजनों को आयोजित करने और विभिन्न भाषाओं के कवियों की बेहतरीन कविताएं श्रोताओं तक पहुंचाने के लिए राइटर्स फोरम की भूमिका की सराहना की। इससे पहले पृतपाल सिंह ने कवियों और अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने फोरम की गतिविधियों की जानकारी भी दी। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद सुधीर महाजन ने किया।

Posted By: Jagran

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