जम्मू, राज्य ब्यूरो: जम्मू संभाग के किश्तवाड़ जिले के डच्चन व लद्दाख के कारगिल जिले के 2 गांव में बुधवार को बादल फटने की घटनाओं से उपजे हालात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पैनी नजर रखे हुए हैं।

किश्तवाड़, प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री डॉ जितेंद्र सिंह के संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है, ऐसे में वह वहां के हालात के बारे में प्रधानमंत्री को जानकारी दे रहे हैं। बुधवार सुबह प्रधानमंत्री ने किश्तवाड़ व कारगिल बादल फटने की घटनाओं से उपजे हालात पर हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिलाया।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक ट्वीट में कहा है कि केंद्र सरकार स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है। प्रभावित इलाकों में हर संभव सहयोग दिया जा रहा है।

वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने बादल फटने की घटना के बाद जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा व डीजीपी दिलबाग सिंह से बात कर मौजूदा हालात के बारे में जानकारी ली। अमित शाह ने कहा है कि जम्मू कश्मीर में बादल फटने की घटना से प्रभावित अधिक से अधिक लोगों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है।

वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी किश्तवाड़ हादसे पर दुख जताते हुए अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखा कि किश्तवाड़ (जम्मू-कश्मीर) में बादल फटने की खबर बेहद विचलित करने वाली है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सेना बचाव कार्य में जुटी हुई है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवदेना जाहिर करते हुए सभी भाजपा कार्यकर्ताओं से प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आने के लिए कहा।

इसी बीच प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री डा जितेंद्र सिंह ने किश्तवाड़ में राहत अभियान की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि डच्चन में बादल फटने की घटना को लेकर उन्होंने डिप्टी कमिश्नर अशोक शर्मा से बातचीत की है। डा जितेंद्र सिंह ने बताया कि डच्चन में बादल फटने से लापता लोगों की संख्या 30 से 40 के बीच हो सकती है। राहत अभियान को तेजी देने के लिए सेना, वायुसेना की मदद लेने के साथ स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स की टीमों को भी हरकत में लाया गया है।

वहीं दूसरी ओर उपराज्यपाल प्रशासन भी राहत अभियान को तेजी देकर लोगों को बचाने के लिए पूरी कोशिश कर रहा है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने किश्तवाड़ जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि राहत अभियान में कोई कमी ना रखी जाए। 

आपको जानकारी हो कि कारगिल में दो गांवों खंगराल और सांगरा में बादल फटा है। परंतु इसके कारण जानी नुकसान नहीं हुआ है अलबत्ता कुछ मकानों व मिनी पनबिजली परियोजना को क्षति पहुंची है। यह मिनी पनबिजली परियोजना सांगरा में स्थित थी। गांव में बाढ़ का पानी भर गया था परंतु अब यहां जलस्तर काफी कम हो गया है। बचाव कार्य जारी है।

वहीं किश्तवाड़ की डच्चन तहसील के हंजंर गांव में बादल फटने के बाद आई बाढ़ की चपेट में आने से 38 लोग लापता हो गए। यहां सेना, पुलिस, एसडीआरएफ व स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी रखा हुआ है। अभी तक छह लोगों के शव मिल चुके हैं जबकि 12 घायल लोगों को मलवे से निकाला गया है। अभी भी गांव के 20 लोग लापता हैं। बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त दलों को बुलाया गया है।

Edited By: Rahul Sharma