PM मोदी 15 अक्टूबर को कर सकते हैं लेह एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन, 3 गुना बढ़ जाएगी लद्दाख से उड़ानों की क्षमता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अक्टूबर को लद्दाख के लेह एयरपोर्ट के नवनिर्मित टर्मिनल का उद्घाटन कर सकते हैं, जिससे इसकी क्षमता तीन गुना बढ़ जाएगी।
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पीएम कर सकते हैं लेह एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन।
HighLights
पीएम मोदी 15 अक्टूबर को लेह एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे
नया टर्मिनल हवाई अड्डे की क्षमता को तीन गुना बढ़ाएगा
यह लद्दाख के पर्यटन और सामरिक महत्व को बढ़ावा देगा
राज्य ब्यूरो, जम्मू। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंद्रह अक्टूबर को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह एयरपोर्ट के नवनिर्मित टर्मिनल का उद्घाटन कर सकते हैं। लेह एयरपोर्ट पर इस समय नए टर्मिनल के उद्घाटन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री दिल्ली ननवनिर्मित टर्मिनल भवन का वर्चुअल रूप से उद्घाटन कर सकते हैं। अधिकारिक रूप से उनके कार्यक्रम की अभी पुष्टि नही हुई है। प्रधानमंत्री लेह एयरपोर्ट के नए टर्मिनल के साथ लद्दाख में बुनियादी ढांचे के विकास के कुछ अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों का उद्घााटन व शिलान्यास भी कर सकते हैं।
लद्दाख का एकमात्र कुशाक बकुला रिनपोचे एयरपोर्ट रणनीतिक रूप से भी बहुत अहमियत है। इस तकनीकी एयरपोर्ट से लद्दाख की हवाई सुरक्षा सुनिश्चित कर रही भारतीय वायुसेना के विमानों का भी संचालन होता है। ऐसे में नया एयरपोर्ट टर्मिनल सुरक्षा तैयारियों को भी तेजी देगा। प्रधानमंत्री सामरिक दृष्टि से बहुत महत्व रखने वाली नीमो-पदम-दारचा सड़क के साथ लेह में पेट्रोग्लिफ पार्क का भी उद्घाटन करेंगे।
छह सौ करोड़ रुपये की लागत वाले नए टर्मिनल के बनने से लेह के कुशाक बकुला रिनपोचे एयरपोर्ट से उड़ानों की क्षमता में तीन गुणा वृद्धि होगी। एयरपोर्ट मौजूदा 18 उड़ानों से प्रतिदिन 54 उड़ानों के लिए सक्षम हो जाएगा। ऐसे में भारतीय वायुसेना के विमानों की संचालन क्षमता भी पहले से तीन गुणा अधिक हो जाएगी। वायुसेना हवाई सुरक्षा के साथ लेह में सुरक्षा संबंधी साजो सामान के साथ सेना, सुरक्षाबलों की त्वरित तैनाती में भी अहम भूमिका निभाती है।
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इस टर्मिनल के जल्द तैयार होने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने इस प्रोजेक्ट में निजी हस्तक्षेप से सुनिश्चित किया है कि लद्दाख में सर्दियां शुरू होने से पहले नया टर्मिनल शुरू हो जाए। अगर इस समय टर्मिनल तैयार नही होता है तो प्रोजेक्ट का छह माह के लिए टलना तय था। इससे सर्दियों में लद्दाख में विमानों की कमी से होने वाली समस्याएं भी दूर होंगी।
लद्दाख में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के चलते एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ावना जरूरी हो गया था। सर्दियों के महीनों में फ्लाइटों में कमी के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। ऐसे में कई बार वायुसेना को लद्दाखियों के लिए विशेष विमान भी चलाने पड़ते थे। अब नए टर्मिनल के शु़रू होने से लेह एयरपोर्ट सालाना 35 लाख यात्रियों को सभांलने में सक्षम हो जाएगा।
तीन मंजिला है 23,000 वर्ग मीटर में फैला अत्याधुनिक टर्मिनल
लेह एयरपोर्ट पर बनकर तैयार हुआ तीन मंजिला अत्याधुनिक टर्मिनल 23,000 वर्ग मीटर में फैला है। इसे दो चरणों में 600 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत से विकसित किया जा रहा है।
पहले चरण में 20 चेक-इन काउंटर, एक इनलाइन बैगेज हैंडलिंग सिस्टम, 700 किलोवाट का रूफटाप सोलर पावर प्लांट, दो अराइवल बैगेज कैरोसेल, 15 लिफ्ट व 12 एस्केलेटर बनाए गए हैं। दूसरे चरण के तहत, मौजूदा टर्मिनल भवन को ध्वस्त कर दिया जाएगा व इसकी जगह एक नया एप्रन, चार अतिरिक्त विमान पार्किंग स्थल व तीन एयरोब्रिज बनाने की योजना है।
प्रोजेक्ट के पूरा होने पर हवाई अड्डे की परिचालन क्षमता को काफी हद तक बढ़ जाएगी। नए टर्मिनल भवन को सालाना 35 लाख यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है। व्यस्त समय के दौरान यह प्रति घंटे 2000 यात्रियों को संभालने में सक्षम है, जिसमें 1000 आगमन व 1000 प्रस्थान की क्षमता है।
इस परियोजना की प्रमुख विशेषताओं में से एक है ढलानदार फर्श को गर्म करने के लिए भूतापीय तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग है। यह देश में अपनी तरह की पहल है। टर्मिनल में कार्बन उत्सर्जन को कम करने के उद्देश्य से छत पर सौर पैनल सहित कई सतत विकास संबंधी विशेषताएं भी शामिल हैं।
