राजौरी, जेएनएन। घरों से सैंकड़ों किलोमीटर दूर एलआेसी पर पाकिस्तान के मंसूबों को नाकाम बनाकर देशवासियों की दिवाली को सुरक्षित बना रहे भारतीय सेना के जवानों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोशनी के त्यौहार पर हौंसला बुलंद कर गए। सेना के विशेष हेलीकाप्टर पर सुबह सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत व अन्य सैन्य अधिकारियों के साथ जिला राजौरी में 25 डिव के हैडक्वार्टर पहुंचे प्रधानमंत्री का जवानों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। हैडक्वार्टर पहुंचे ही सबसे पहले सीमा पर हालात जानने के लिए मोदी ने सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक की बाद में जवानों से मिल उन्हें दिवाली की शुभकामनाएं दी। दीपावली की बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने जवानों से कहा कि उनकी बदोलत ही आज देशवासी शांतिपूर्ण ढंग से अपने घरों में परिवार संग यह पर्व मना रहे हैं।

उन्होंने यहां जवानों के साथ काफी समय बिताया। जवानों को दिवाली की बधाई देने के साथ मोदी ने उनमें मिठाइयां भी बांटी। दोपहर डेढ़ बजे के करीब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वापस लाैट गए। प्रधानमंत्री के साथ दिवाली पर्व मनाकर जवान काफी उत्साहित थे। उनका कहना था कि देश के प्रधानमंत्री ने एलओसी पर आकर उनके साथ पर्व मनाया है, इससे उनका मनोबल बढ़ा है।

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद से ही पाकिस्तान जिला राजौरी आैर पुंछ में एलओसी से सटे कई इलाकों में आए दिन सीजफायर का उल्लंघन करता आ रहा है। जिस सेक्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे थे वहां भी कई बार पाकिस्तानी सैनिक गोलाबारी कर चुके हैं। प्रधानमंत्री ने गोलाबारी में भारतीय सीमाओं की रक्षा कर रहे जवानों को दुश्मन देश की हर नापाक साजिश को नाकाम बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि गुलाम कश्मीर में मौजूद आतंकवादी किसी भी तरह भारतीय सीमा में घुसपैठ कर यहां की शांति को भंग करना चाहते हैं परंतु हमें उनके इन मंसूबाें को कामयाब नहीं होने देना है। सीजफायर उल्लंघन के दौरान शहीद हुए जवानों को याद करते हुए प्रधानमंत्री, अन्य सैन्य अधिकारियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

मोदी ने नियंत्रण रेखा से सटे रिहायशी इलाकों में रह रहे लोगों की बहादुरी को भी सलाम किया। उन्होंने कहा कि अगर भारतीय जवान सीमा की रक्षा कर रहे हैं तो सीमा से सटे रिहायशी इलाकों में रह रहे ये लोग भी जवानों से कम नहीं है। वे हर गतिविधि पर नजर रखे हैं। जब कभी कोई आतंकवादी जवानों की नजरों से बचकर भारतीय सीमा में घुसपैठ कर जाता है तो यही लोग उनकी जानकारी देकर देश की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान निभाते हैं।

यह पहला मौका नहीं है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जवानों के साथ दिवाली मनाने के लिए जम्मू-कश्मीर के अतिसंवेदनशील इलाके में आए हैं। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बन देश की बागडोर संभालने के बाद मोदी दिवाली पर सियाचीन पहुंचे थे। उन्होंने वहां भी दुर्गम परिस्थितियों में देश की रक्षा में तैनात जवानों का मनोबल बढ़ाया और उनके साथ दिवाली मनाई। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2015 और 2016 में दिवाली का पर्व पंजाब सीमा पर तैनात जवानों और हिमाचल प्रदेश में तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस कर्मियों के साथ मनाई। वर्ष 2017 में उन्होंने एक बार फिर दिवाली का पर्व गुरेज सेक्टर में तैनात जवानों के साथ मनाया। वह इस दौरान श्रीनगर भी गए थे। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह पर्व उत्तराखंड भारत-चीन सीमा पर तैनात जवानों के साथ मनाया था।

प्रधानमंत्री ने जिला राजौरी नियंत्रण रेखा पर तैनात जवानों के साथ दिवाली मनाकर दुश्मन को यह स्पष्ट संकेत दिया है कि उनकी हर नापाक साजिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। इस समय भी पाकिस्तान राजौरी जिले में भारी गोलाबारी कर रहा है और हमारे जांबाज सैनिक बुलंद हौसले के साथ मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं।

Posted By: Rahul Sharma

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