जम्मू, राज्य ब्यूरो : विश्व प्रसिद्ध श्री माता वैष्णो देवी के भवन या आधार शिविर के नजदीक पौराणिक थीम पार्क स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। जम्मू कश्मीर में निवेश को बढ़ावा देने की अपनी नीति के तहत प्रशासन श्री माता वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए पार्क स्थापित करेगा। इस अहम प्रोजेक्ट के लिए निवेशकों से आगे आने के लिए कहा गया है। इस पार्क का उद्देश्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तरीके से स्थानीय रोजगार को सृजित करना है। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

जम्मू संभाग के रियासी जिला में श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा के लिए हर वर्ष एक करोड़ के करीब श्रद्धालु आते हैं। माता वैष्णो देवी का आधार शिविर कटड़ा है। प्रशासनिक अधिकारियों और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने इस प्रोजेक्ट के लिए तीन जगहों की पहचान की है। दो जगह भवन के नजदीक और एक जगह कटरा से करीब 10 किलोमीटर दूर है। थीम पार्क एडवेंचर, पौराणिक, शिक्षा और मनोरंजन की गतिविधियों पर आधारित होगा।

यह पार्क भवन के रास्ते के नजदीक होगी और इसका संपर्क भवन से होगा ताकि दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को यहां पर पर्यटन की सुविधा उपलब्ध हो सकें। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर सरकार आउटडोर, इंडोर मनोरंजन, दुकानें, खेलकूद गतिविधियां, खाने पीने की चीजें, होटल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाएगी। अधिकारियों के अनुसार निवेशक केंद्रीय क्षेत्र योजना लाभ के तहत योग्य होंगे और उन्हें जम्मू-कश्मीर सरकार से सभी तरह की रियायतें मिलेगी जिसमें 25 वर्ष का कांट्रेक्ट और इसको आगे बढ़ाने का प्रावधान भी शामिल होगा।

केंद्रीय क्षेत्र योजना लाभ में पांच करोड़ तक के पूंजी निवेश 30 फीसद इंसेंटिव, पांच सौ करोड़ रुपये के निवेश तक अधिकतम सात साल के लिए पूंजी निवेश पर सलाना छह फीसद ब्याज माफ व अन्य रियायतें शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार जम्मू-कश्मीर सरकार केंद्र शासित प्रदेश स्तर तक की सारी मंजूरी आवेदन करने के लिए तीस दिन के भीतर देगी। प्रोजेक्ट के लिए पानी 0.50 रुपये प्रति क्यूबिक मीटर और बिजली 3.85 रुपये प्रति यूनिट मिलेगी। इसके अलावा अतिरिक्त इंसेंटिव स्टैंप ड्यूटी और हरित औद्योगिकीकरण पर भी मिलेगा।

निवेशकों को थीम पार्क चलाने का अनुभव होना चाहिए : निवेशकों के पास पांच लाख लोगों के सालाना आने वाली थीम पार्क चलाने का अनुभव होना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा प्रबंध होने चाहिए। जैसे ही एमओयू पर हस्ताक्षर हो जाएंगे तो तीन साल के भीतर व्यवसायिक गतिविधियों को चलाया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि केंद्र शासित प्रदेश में निवेश की मैत्रीपूर्ण नीतियां हैं बिजनेस की प्रतिस्पर्धा के लिए सही मौका है और कुशल कर्मी भी उपलब्ध है। जम्मू कश्मीर के बीस जिलों में 57 इंडस्ट्रियल इस्टेट है। प्रदूषण मुक्त वातावरण उपलब्ध है और साथ में पड़ोसी राज्यों में उपभोक्ताओं के पास पहुंचा जा सकता है।

 

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