मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

राज्य ब्यूरो, जम्मू : छह दशक तक विशेष दर्जे के खिलाफ राज्य में प्रजा परिषद, जनसंघ और भाजपा की ओर से लड़ी गई लड़ाई में सुषमा स्वराज ने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। प्रदेश भाजपा ने जम्मू कश्मीर में अपना अधिकतर समय विपक्ष में धरने, प्रदर्शनों में बिताया है। यह एक कठिन समय था। इस दौरान सुषमा स्वराज जैसी कद्दावर नेता ने बार बार जम्मू में आकर राष्ट्रवादी तत्वों के समर्थन में आवाज बुलंद की। उनके आने से राज्य में अकसर लाठियां खाने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं की हिम्मत बढ़ती थी। वीरवार को पार्टी मुख्यालय में श्रद्धांजलि सभा में पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने उन दिनों को याद किया जब सुषमा उनके बीच आकर कश्मीर केंद्रित सरकारों के खिलाफ आवाज बुलंद की थी। वह राज्य में हुए हर आंदोलन का हिस्सा बनीं। नब्बे के दशक में जब पुराने डोडा जिले में आतंकी हिन्दूओं के नरसंहार कर उनका पलायन करवाने की कोशिश की रहे थे तो यहां हुए डोडा बचाओ आंदोलन में सुषमा स्वराज ने जम्मू में गिरफ्तारी दी। विरेन्द्रजीत सिंह समेत कई भाजपा नेता ने सुषमा के आंदोलन के दिनों की भूमिका को याद किया। जम्मू कश्मीर में देश विरोधी तत्वों के खिलाफ मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में लाल चौक में तिरंगा लहराने की एकता यात्रा में सुषमा स्वराज शामिल हुई। नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के कई नेता जब लाल चौक के लिए रवाना हुए तो सुषमा स्वराज जम्मू में रुकी। श्री बाबा अमरनाथ की भूमि के लिए वर्ष 2008 के आंदोलन में भी सुषमा स्वराज आगे रही। उन्हें अरूण जेटली के साथ जम्मू में गिरफ्तार किया गया। सुषमा स्वराज ने जम्मू कश्मीर में भाजपा को सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार किया था। वह वर्ष 2002 में 4 दिन तक जम्मू में रही थी।

प्रो चमन ने याद किया सुषमा स्वराज के साथ अटल मंत्रिमंडल के दिन

पूर्व केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री प्रो चमन लाल गुप्ता ने वीरवार को भाजपा के श्रद्धांजलि सभा में उन दिनों को याद किया जब वह अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में सुषमा स्वराज के साथ थे। सुषमा, अटल मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य मंत्री के अहम पद रही थीं। वहीं प्रो चमन लाल गुप्ता नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री व केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री के रूप में मंत्रिमंडल में शामिल थे। प्रो गुप्ता ने राज्य संबंधी कई मसले सुषमा स्वराज के सामने उजागर किए थे। सुषमा स्वराज ने इनका जल्द समाधान किया। प्रो. गुप्ता ने बताया कि सुषमा स्वराज मजबूत व काबिल मंत्री थी। उन्हें जो भी विभाग मिलता था व उसमें पूरे मेहनत के साथ काम कर बदलाव लाती थी। उन्होंने बताया कि संसद में सुषमा स्वराज की बहुत अच्छे वक्ता के रूप में पहचान मिली। ऐसे में उन्होंने देश, विदेश में साबित किया कि वह एक काबिल भारतीय महिला नेता जो हर जगह अपनी छाप छोड़ती है। सुषमा स्वराज का जम्मू कश्मीर के प्रति बहुत लगाव था। ऐसे में उन्होंने राज्य के विशेष दर्जे के खिलाफ जमकर आवाज भी उठाई। जब भी प्रदेश भाजपा को जरूरत पड़ी, सुषमा स्वराज हौसला बढ़ाने के लिए राज्य पहुंची।

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Posted By: Jagran

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