विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नाली बनाकर सड़क बनाना भूल गए... जम्मू के पौनी चक-बंड वजीरां मार्ग पर चार साल से विकास अधूरा; रोज परेशान हो रहे लोग

Published: Wed, 07 Oct 2026 03:40 PM (IST)

जम्मू के वार्ड 32 में पौनी चक-बंड वजीरां मार्ग चार साल से बदहाल है, जिससे पैदल चलना और वाहन चलाना ...और पढ़ें

जम्मू के वार्ड-32 में 4 साल से गड्ढों में सफर कर रहे लोग।

जम्मू के वार्ड-32 में 4 साल से गड्ढों में सफर कर रहे लोग।

HighLights

  1. पौनी चक-बंड वजीरां मार्ग चार साल से बदहाल।

  2. नालियों के निर्माण के बाद सड़क की मरम्मत नहीं हुई।

  3. स्थानीय निवासी सड़क मरम्मत न होने पर आंदोलन की चेतावनी।

जागरण संवाददाता, जम्मू। एक तरफ जहां प्रशासन जम्मू को स्मार्ट सिटी बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ शहर के वार्ड नंबर 32 की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। वार्ड के अधीन आने वाला पौनी चक-बंड वजीरां मार्ग पिछले चार वर्षों से भारी उपेक्षा का शिकार है। हालात यह हैं कि अब यह सड़क कम और हादसों को न्योता देता गड्ढों का जाल अधिक नजर आती है। करीब 200 मीटर के इस हिस्से में पैदल चलना तक दूभर हो चुका है, लेकिन नगर निगम और लोक निर्माण विभाग कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि करीब चार साल पहले नालियों के निर्माण के नाम पर सड़क की खुदाई की गई थी। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद संबंधित विभाग सड़क की मरम्मत करना ही भूल गया। मानसून के दौरान यह गड्ढे पानी से लबालब होकर तालाब का रूप ले लेते हैं, जिससे आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं।

स्कूल जाने वाले मासूम बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशानी झेलने को मजबूर हैं। विभागों की आपसी खींचतान और अनदेखी के चलते लोग नारकीय जीवन जीने पर मजबूर हैं। यह मार्ग दर्जनों गांवों का जोड़ता है जिनमें पौनी चक, अकलपुर, संग्रामपुर, मढ़, मिश्रीवाला प्रमुख हैं।

क्या कहते हैं लोग

संग्रामपर निवासी राशू देवी बताती हैं कि चार साल का लंबा समय बीत चुका है, लेकिन प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। नाली बनाने के लिए पूरी सड़क खोद दी गई और काम खत्म होते ही ठेकेदार व विभाग गायब हो गए। 200 मीटर का यह टुकड़ा चलने लायक तक नहीं रहा। आना-जाना मुश्किल हो चुका है। 

अकलपुर निवासी राकेश सिंह बताते हैं कि दिन के उजाले में तो लोग जैसे-तैसे बचकर निकल जाते हैं, लेकिन रात के समय यहां जानलेवा स्थिति बन जाती है। स्ट्रीट लाइटों की कमी और गहरे गड्ढों के कारण अक्सर हादसे होते हैं। नगर निगम सिर्फ टैक्स वसूलने तक सीमित है, बुनियादी सुविधाएं देने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है।

हमने कई बार नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन हर बार केवल खोखले आश्वासन ही मिले। अगर जल्द ही सड़क की मरम्मत शुरू नहीं हुई, तो स्थानीय लोग मुख्य मार्ग पर उतरकर चक्का जाम करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। बिना देनी मरम्मत करने के साथ तारकोल डाली जाए।

क्या कहते हैं अधिकारी

जम्मू नगर निगम ज्वाइंट कमिश्नर वर्क्स फिरदौस अहमद काजी बताते हैं कि मामला संज्ञान में आया है। संबंधित इंजीनियरों व अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे कि वे मौके पर जाकर क्षेत्र वासियों की इस समस्या का मुआयना करें। सड़क की मरम्मत और अन्य जरूरी कार्यों के लिए जल्द ही एस्टीमेट तैयार कराया जाएगा, ताकि बजट स्वीकृत करवाकर काम पूरा कराया जा सके।