जम्मू-कश्मीर आने वालों के लिए खुशखबरी, सिर्फ 25 मिनट में पठानकोट से दयालाचक; दिसंबर तक खुलेगा एक्सप्रेसवे का हिस्सा
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने घोषणा की कि दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे का पठानकोट-दयालाचक खंड दिसंबर 2026 तक खुल जाएगा। यह 40 ...और पढ़ें

दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे का पठानकोट-दयालाचक हिस्सा दिसंबर में खुलेगा।
HighLights
पठानकोट-दयालाचक एक्सप्रेसवे खंड दिसंबर 2026 तक खुलेगा।
यह 40 किमी हिस्सा लखनपुर टोल जाम से राहत देगा।
यात्रा समय 70 मिनट से घटकर 25 मिनट हो जाएगा।
डिजिटल डेस्क, जम्मू। अगर आप दिल्ली से जम्मू-कश्मीर की ओर सफर करते हैं तो यह खबर आपके लिए राहत भरी है। लंबे समय से निर्माणाधीन दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेसवे का एक अहम हिस्सा जल्द ही जनता के लिए खोल दिया जाएगा। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसकी जानकारी दी।
उन्होंने गुरुवार को 'X' पर एक पोस्ट में कहा, 'दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे का लगभग 40 किलोमीटर लंबा पठानकोट-दयालाचक हिस्सा दिसंबर तक खुलने की उम्मीद है। इससे लखनपुर टोल प्लाजा से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा और यात्रा का समय 50-70 मिनट से घटकर केवल 25-30 मिनट रह जाएगा।'
उन्होंने आगे लिखा, 'यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘ईज ऑफ ट्रैवल’ की सोच का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य लोगों की यात्रा को सुगम और तेज बनाना है।'

लखनपुर टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम से छुटकारा
इस खंड के खुलने का सबसे बड़ा फायदा लखनपुर टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम से छुटकारा होगा। लखनपुर, जम्मू-कश्मीर का प्रवेश द्वार है और यहां हर रोज हजारों गाड़ियां फंसती हैं। नया एक्सप्रेसवे इस टोल प्लाजा को बायपास करेगा। इससे पठानकोट से दयालाचक के बीच का सफर जो अभी 50 से 70 मिनट में पूरा होता है, वह घटकर महज 25 से 30 मिनट का रह जाएगा।
दिल्ली से कटड़ा का सफर 6 घंटे का होगा
दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेसवे 680 किलोमीटर लंबा और पूरी तरह से नियंत्रित मार्ग वाला एक्सप्रेसवे है। यह भारतमाला परियोजना का हिस्सा है। इसके पूरा होने पर दिल्ली से कटड़ा की दूरी 727 किलोमीटर से घटकर 588 किलोमीटर हो जाएगी। वहीं यात्रा का समय 14 घंटे से घटकर करीब 6 घंटे रह जाएगा।
इस एक्सप्रेसवे के बनने से न केवल दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच व्यापार और माल ढुलाई आसान होगी, बल्कि अमृतसर और माता वैष्णो देवी जैसे धार्मिक स्थलों पर जाने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी बड़ी सुविधा मिलेगी। आधुनिक सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और सुविधाओं से लैस यह एक्सप्रेसवे उत्तर भारत के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
