जम्मू, राज्य ब्यूरो : जम्मू संभाग के सरकारी प्राइमरी स्कूलों को पंचायती राज संस्थानों के अधीन लाया गया है। यानी अब पंचायतें सरकारी प्राइमरी स्कूलों की निगरानी करेगी। इसका मकसद स्कूलों की पर्याप्त निगरानी और बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाना है।

जम्मू स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक डा. रवि शंकर शर्मा ने संभाग के सभी 10 जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित बनाएं कि सरकारी प्राइमरी स्कूलों की निगरानी और निरीक्षण के लिए पंचायती राज संस्थान करें। पंचायती राज संस्थानों की तरफ से जारी अधिसूचना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो जोनल शिक्षा अधिकारी पंचायती राज सदस्यों के साथ बेहतर तालमेल कायम करेंगे ताकि स्कूलों की निगरानी हो सके। इस सिलसिले में हर महीने के अंत में विभाग को रिपोर्ट सौंपी जाए।

बताते चलें कि जम्मू-कश्मीर में पहले से ही विलेज लेवल शिक्षा कमेटियां काम कर रही हैं। यह कमेटियां स्कूलों के कामकाज का समय समय पर निरीक्षण करती हैं। स्कूलों की कार्यप्रणाली खराब रहने पर विभाग के पास रिपोर्ट करने पर अध्यापकों का वेतन भी रोका जाता रहा है। अब चूंकि जम्मू कश्मीर में पंचायतों का थ्री टियर सिस्टम लागू हो चुका है तो विभागों से काम लेने या निरीक्षण करने की जिम्मेदारी पंचायतों पर डाली जा रही है ताकि कामकाज को सुचारू बनाया जा सके। इससे स्कूलों में पढ़ाई का बेहतर ढांचा कायम करने में मदद मिलेगी।

उच्च शिक्षा में व्यापक सुधार जरूरी : भटनागर

उपराज्यपाल के सलाहकार राजीव राय भटनागर ने कहा है कि नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा में व्यापक सुधार लाए जा सकते हैं। इसके साथ ही शोध और नवीनीकरण के क्षेत्र के वातावरण को बढ़ावा दिया जा सकता है। नई शिक्षा नीति को लागू करने के उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा करते हुए भटनागर ने अधिकारियों से कहा कि उच्च शिक्षा में नवीनीकरण और रिसर्च, अन्य ढांचागत सुविधाएं नई शिक्षा नीति के तहत जरूरी है। देश के विकास के लिए उच्च शिक्षा शिक्षा में व्यापक सुधार जरूरी है।

प्रधानमंत्री विकास पैकेज कार्यक्रम के प्रोजेक्ट का जायजा लेते हुए उन्होंने बताया गया कि पलौड़ा डिग्री कालेज के गल्र्स हॉस्टल का हाल ही में उद्घाटन किया गया है जबकि राजौरी व भद्रवाह डिग्री कालेजों के गल्र्स हास्टल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। सलाहकार ने अधिकारियों से कहा कि इमारतों का कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरा कर के प्रोजेक्टों को विभाग के हवाले किया जाए।  

Edited By: Vikas Abrol