राज्य ब्यूरो, जम्मू : जम्मू कश्मीर में गत वर्ष चली बैक टू विलेज मुहिम के अधूरे फैसलों को लेकर पंच, सरपंच काफी नाराज हैं। पंच, सरपंच जिला स्तर पर कार्यक्रम कर पंचायतों व इनके प्रतिनिधियों की उम्मीदें पूरी न किए जाने के मुद्दे पर बड़े आंदोलन की तैयारी करेंगे। यह रणनीति वीरवार को जम्मू में पंचों, सरपंचों के संगठन ऑल जम्मू कश्मीर पंचायत कांफ्रेंस की बैठक के दौरान बनाई गई।

गत दिनों जम्मू व श्रीनगर में अपने मांगों को ले प्रदर्शन कर पंचों, सरपंचों ने उपराज्यपाल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। दो अक्टूबर से बैक टू विलेज के तीसरा चरण शुरू होने से पहले कड़े तेवर दिखा रहे पंचों, सरपंचों का आरोप है कि पहले अभियानों में किए गए वायदों को पूरा किए बिना आगे की तैयारी हो रही है। ऐसे हालात में बुधवार को अखनूर में पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रदेश में पहले आयोजित हुए दो बैक टू विलेज अभियानों की असलियत उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के सामने रख दी थी। वहीं ऊधमपुर ब्लॉक के अधिकतर पंचों, सरपंचों ने भी प्रशासन के बैक टू विलेज मुहिम के बहिष्कार की घोषणा कर दी है।

पंचायत कांफ्रेंस के प्रधान अनिल शर्मा का कहना है कि हमारी पांच मांगें हैं। इन्हें लेकर सरकार पर पूरा दवाब बनाया जाएगा। जिलों में आगे की रणनीति बनाने के लिए रियासी में 29 और ऊधमपुर में 29 सितंबर को बैठक होगी। इसमें बैक टू विलेज को लेकर आगे की कार्रवाई पर भी मंथन होगा।

पंचायत प्रतिनिधि विधायकों की तर्ज पर कम से कम 25 लाख रुपये का पंचायत विकास फंड, संविधान के 73वें संशोधन को प्रभावी बनाने, पंचायतों को बैक टू विलेज अभियान से पहले दस लाख की जगह 25 लाख रुपये देने, पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ाने के साथ गांवों में विकास को लेकर बैक टू विलेज मुहिम के दौरान किए गए सभी वायदों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं।

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