जम्मू, राज्य ब्यूरो : उत्तरी कश्मीर के नौगाम इलाके में सतर्क सेना के जवानों ने रात के अंधेरे में नियंत्रण रेखा पर आतंकियों की घुसपैठ की बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया है। इस बीच, पाकिस्तानी सेना ने रविवार को कुपवाड़ा के केरन व बारामुला के रामपुर सेक्टरों में गोलाबारी कर सैन्य चौकियों व रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया।

सैन्य सूत्रों के अनुसार उत्तरी कश्मीर के नौगाम में नियंत्रण रेखा (एलओसी) की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रही सेना की एक टुकड़ी ने गत बुधवार यानि तीन जून को नाइट विजन डिवाइस से करीब पांच आतंकियों के एक दल को फेंसिंग की ओर आते देख उन्हें घेरने की कार्रवाई शुरू कर दी। सैनिकों की चेतावनी के बाद आतंकी गोलाबारी करते हुए रात के अंधेरे और खराब मौसम की आड़ में हथियार छोड़कर वापस भाग गए। सुबह तलाशी अभियान के दौरान सेना के जवानों ने मौके से एक बैग, कपड़े, बैटरियां व फेंसिंग काटने वाला कटर बरामद किया।

पाकिस्तानी सेना सीमा पर गोलाबारी की आड़ में आतंकियों की घुसपैठ करवाने की कोशिश कर रही है। ऐसे हालात में सेना के जवानों ने एक जून को राजौरी के नौशहरा में घुसपैठ की कोशिश को नाकाम बनाते हुए तीन आतंकियों को मार गिराया था। घुसपैठ की इन कोशिशों को पाकिस्तान की सेना की ओर से सहयोग दिया जा रहा है।

घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकियों को कवर फायर देने के लिए ही पाकिस्तान की ओर से भारतीय इलाकों में गोलाबारी की जाती है। इस बीच रविवार को पाकिस्तानी सेना ने केरन में सुबह 11 बजे गोले दागने शुरू कर दिए। इसके बाद दोपहर करीब पौने एक बजे रामपुर सेक्टर में भी पाकिस्तान की ओर से गोले दागने का सिलसिला शुरू हो गया। सीमांत चौकियों व रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर की जा रही इस गोलाबारी का भारतीय सेना के जवानों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। सेना की उत्तरी कमान के पीआरओ डिफेंस कर्नल राजेश कालिया ने बताया कि सेना की ओर से सटीक कार्रवाई की जा रही है।

गोलाबारी में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। आतंकियों की घुसपैठ करवाने के लिए पाकिस्तानी सेना ने गोलाबारी में तेजी लाई है। साल के पहले दो महीनों में ही पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय सीमा व नियंत्रण रेखा पर गोलाबारी के 646 मामले हुए हैं। वर्ष 2019 में पाक सेना ने करीब 3200 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था।

पाक ने हीरानगर सेक्टर के गांव को बनाया निशानाः पाकिस्तानी रेंजर्स ने जम्मू संभाग के कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर के गांव करोल माथरियां को निशाना बनाकर शनिवार देर रात एक बजे से रविवार सुबह साढ़े चार बजे तक रुक-रुक कर गोलाबारी की। सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) के जवानों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। गत रविवार सुबह स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, चकड़ा पुलिस चौकी के प्रभारी व बीएसएफ के जवानों ने गांव के आसपास तलाशी अभियान चलाया। गोलाबारी से कोई जानी नुकसान तो नहीं हुआ। हीरानगर में पाकिस्तानी रेंजर तीन महीने से लगातर संघर्ष विराम को तोड़ रहे हैं।

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