जम्मू, राज्य ब्यूरो: जम्मू के सांबा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास तीन जगहों पर पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने के बाद सेना, सीमा सुरक्षा बल व जम्मू कश्मीर पुलिस ने सीमा से सटे इलाकों को खंगालने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान छेड़ दिया है।

जम्मू में 27 जून को जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन से दो बम गिराने की घटना के बाद अखनूर के कानाचक्का सेक्टर में पाकिस्तान ड्रोन से पांच किलो की आईडी गिराने की साजिश का भी पर्दाफाश हो चुका है। ऐसे में सांबा के घगवाल के सांदी इलाके, चिलयाड़ी पोस्ट व बड़ी ब्राहमणा के आर्मी कैंप के पास ड्रोन देखे जाने के बाद सेना, सुरक्षाबल हाई अलर्ट पर हैं। नौ बजे के करीब सांबा जिले के चिलयाड़ी, बड़ी ब्राहमणा क आर्मी कैंप व घगवाल के सांदी गांव में आईटीबीपी कैंप के निकट 200 मीटर की उंचाई पर ड्रोन की सफेद लाइट देखी गई। सुरक्षा बलों ने करीब आधे घंटे के अंतराल में चिलयाड़ी व 2 अन्य जगहों पर तीन पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने पर त्वरित जवाबी कार्रवाई की। चिलयाड़ी में ड्रोन को निशाना बनाने के लिए गोलियां भी दागी। इसके बाद ड्रोन पाकिस्तान इलाके में चले गए। इसी बीच ड्रोन देखे जाने की घटना के बाद सुरक्षाबल हाई अलर्ट पर हैं। सुबह सीमा के पास इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जाएगा।

सांबा जिले के घगवाल इलाके में सीमा के पास देखा गया ड्रोन कम उंचाई पर था। ऐसे में घगवाल में सुबह रोशन होते ही संयुक्त तलाशी अभियान शुरू हो गया था। पुलिस सीमा से सटे इलाकों को खंगालने के साथ गुज्जरों के डेरों की भी तलाशी ले रही है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सीमा पार से आए ड्रोन से आतंकवादियों के लिए इलाके में कहीं गोली बारूद ताे नही फैंका है। घगवाल के साथ चिलयाड़ी व बड़ी ब्राहमणा में सीमा सुरक्षा बल व सेना भी तलाशी अभियान चला रही है।

सीमा सुरक्षाबल के डीआईजी एसपीएस संधु ने बताया कि ड्रोन की चुनौती से निपटने के लिए कड़ी सर्तकता बरती जा रही है। ऐसे में ड्रोन देखे जाने के बाद सेना व पुलिस भी सूचित कर दिया जाता है। चिलयाड़ी में आसमान में सफेद रोशनी देखने के बाद जवानों ने इस पर फायर किए है। अब सेना सुरक्षाबल बेहतर समन्वय बनाकर क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रहे हैं।

जम्मू में सेक्टर कमांडर स्तर की बैठक के पांच दिन बाद पाकिस्तान ने वीरवार देर शाम को सांबा जिले में तीन जगहों पर ड्रोन भेजकर सुरक्षा में सेंध लगाई थी। कई बार ड्रोन हथियार फैंकने आते हैं तो कई बार दुश्मन ये ड्राेन हाई डेफीनेशन कैमरे से भारतीय इलाकों की फोटाग्राफी करने के लिए भेजे जाते हैं। ऐसे में रात पौने नौ बजे के करीब सांबा जिले के चिलयाड़ी, बड़ी ब्राहमणा क आर्मी कैंप व घगवाल के सांदी गांव में आईटीबीपी कैंप के निकट आसमान में करीब आधे घंटे के अंतराल में तीन पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए थे। चिलयाड़ी में ड्रोन को निशाना बनाने के लिए गोलियां भी दागी गई। इसके बाद ड्रोन पाकिस्तान इलाके में चले गए।

जम्मू कश्मीर पुलिस ने 22 जुलाई को बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए आईडी धमाका करने आए एक पाकिस्तानी हेक्साकाप्टर ड्रोन को मार गिराया था। ड्रोन में पांच किलो की आईडी फिट थी। इसे बड़ी वारदात करने के लिए आतंकवादियों तक पहुंचाया जाना था।

इसके बाद 24 जुलाई को सीमा सुरक्षाबल ने आरएसपुरा के सुचेतगढ़ की आक्ट्राय पोस्ट पर हुई सेक्टर कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग में पाकिस्तान को इसके सुबूत सौंपे थे कि आतंकवादियों द्वारा ये ड्रोन पाकिस्तानी रेंजर्स की चौकियों के पास से उड़ाए गए थे। हमेशा की तरह पाकिस्तान ने ड्रोन से आतंकवाद को शह देने के आरोपों को नकार दिया था। अब सेक्टर कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग के चार दिन बाद तीन पाकिस्तान ड्रोन भारतीय क्षेत्र में देखे गए हैं। ड्रोन की चुनौती से निपटने के लिए हाई अलर्ट जारी है। जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन हमले के बाद पाकिस्तान ड्रोन आने की गतिविधियों में तेजी आई है। तारी माह में ही जम्मू क्षेत्र में पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने के 15 से अधिक मामले सामने आए हैं।

 

Edited By: Rahul Sharma