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जागरण संवाददाता, राजौरी। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटने के बाद विश्व में अलग-थलग पड़ी पाकिस्तानी सरकार और उसकी सेना बौखला गई है। शनिवार सुबह पाक सेना ने जम्मू संभाग के राजौरी जिले की नौशहरा तहसील के कलाल सेक्टर और पुंछ के मनकोट सेक्टर में भारी गोलाबारी की।

इससे नौशहरा सेक्टर में भारतीय सेना के एक लांस नायक शहीद हो गए। लेकिन इसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाक सेना की तीन चौकियां तबाह कर दीं। इस कार्रवाई में पाक सेना के दो अधिकारियों और पांच सैनिकों के मारे जाने की भी सूचना है। इसके बावजूद देर शाम तक नियंत्रण रेखा पर गोलाबारी जारी रही। इससे सीमा पर भारी तनाव बना हुआ है। भारतीय सेना के शहीद लांस नायक की पहचान 35 वर्षीय संदीप थापा निवासी ग्राम राजवाला, तहसील विकास नगर, जिला सहसपुर, देहरादून, उत्तराखंड के रूप में हुई है।

 रिहायशी क्षेत्रों पर भी दागे मोर्टार
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह पाक सेना ने एकाएक नौशहरा सेक्टर में गोलाबारी शुरू कर दी। पाक सेना ने सैन्य चौकियों को निशाना बनाने के साथ-साथ रिहायशी क्षेत्रों पर भी मोर्टार दागना शुरू कर दिया। इस दौरान सीमा पर तैनात भारतीय सेना का लांस नायक संदीप थापा गंभीर रूप से घायल हो गए। इस पर वहां मौजूद अन्य जवानों ने घायल लांस नायक को पास के सैन्य अस्पताल पहुंचाया। जहां उपचार के दौरान वह शहीद हो गए।

भारतीय सेना ने की जोरदार जवाबी कार्रवाई
इसके बाद भारतीय सेना ने जोरदार जवाबी कार्रवाई शुरू की। इसमें पाकिस्तानी सेना की तीन चौकियां पूरी तरह से नष्ट हो गई, जबकि छह से सात पाक सेना के जवानों के मारे जाने की सूचना है। बताया जा रहा है कि इनमें दो पाक सेना के अधिकारी हैं। वहीं, पुंछ के मनकोट सेक्टर में भी पाक सेना भारी गोलाबारी को जारी रखे हुए है। इस सेक्टर में भी पाक सेना को भारतीय सेना द्वारा मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है।

स्वतंत्रता दिवस पर भी की थी गोलाबारी
उल्लेखनीय है कि 15 अगस्त को भी पाक सेना ने पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टर में भारी गोलाबारी की थी। इसके बाद भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में चार पाक सैनिक ढेर हो गए थे। जबकि कई बंकर भी तबाह हुए थे। सूत्रों के अनुसार, पाक सेना आतंकियों को भारतीय क्षेत्र में दाखिल करवाने के लिए ही बार-बार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रही है।

 UNSC से खाली हाथ लौटा PAK 
बता दें, पाकिस्‍तान की ओर से ये सीजफायर ऐसे समय में हुआ है, जब कश्‍मीर (Kashmir) मामले पर सुरक्षा परिषद की दहलीज से पाकिस्‍तान और चीन खाली हाथ लौट आए हैं। पाकिस्‍तान की फरियाद को अनसूना करते हुए सुरक्षा परिषद ने कश्‍मीर मुद्दे पर अपने दरवाजे बंद कर लिए हैं। ऐसे में भारत के लिए यह बैठक राजनीतिक और सामरिक दृष्टि से काफी अहम है। भारत समेत दुनिया के अन्‍य मुल्‍क इस पर नजर बनाए हुए हैं कि आखिर अब कश्‍मीर मामले में पाकिस्‍तान का क्‍या स्‍टैंड होगा।

कश्‍मीर मामले में सुरक्षा परिषद की बैठक में यह मामला उठाया गया। यह बैठक चीन ने पाकस्तिान के इशारे पर बुलाई थी। लेकिन इस मसले पर सुरक्षा परिषद के अन्‍य सदस्‍यों ने कश्‍मीर मामले को एक मत से खारिज कर दिया। इस बैठक में चीन के स्‍टैंड को भी अस्वीकारर दिया गया। परिषद में पाकिस्‍तान और चीन अलग-थलग पड़ गए। 

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PAK के बदले 'सुर'  
भारत के कूटनीतिक दांव से कश्‍मीर मामले में चीन और पाकिस्‍तान को मुंह की खानी पड़ी है। चीन के दबाव के बावजूद संयुक्‍त राष्‍ट्र परिषद में पाकिस्‍तान के प्रयास को खारिज कर दिया गया। संयुक्‍त राष्‍ट्र से निराश होने के बाद पाकिस्‍तान की भाषा बदल गई है। एक संवाददाता सम्‍मेलन में यह पूछे जाने पर कि क्‍या पाकस्तिान कश्‍मीर मामले में भारत के साथ वार्ता करने को तैयार है तो कुरैशी ने कहा है कि पाकिस्‍तान कश्‍मीर मामले में शांतिपूर्ण समाधान की वकालत करता है। उन्‍होंने कहा कि पहले कश्‍मीर में कर्फ्यू खत्‍म हो तभी वार्ता संभव होगी।

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Posted By: Shashank Pandey

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