जम्मू, जागरण संवाददाता। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद को जीवित रखने के लिए पड़ोसी देश पाकिस्तान मादक पदार्थों का सहारा ले रहा है। सीमा पार से राज्य में मादक पदार्थ भेजकर उसने जुटने वाली धनराशि का प्रयोग पाकिस्तान आतंकवाद के पालन पोषण में कर रहा है। डीजीपी ने कहा कि राज्य में नशे की खेप को एक साजिश के तहत भेजा जा रहा है।

राज्य पुलिस के डी-एडिक्शन सेंटर का दौरा करने पहुंचे दिलबाग सिंह ने कहा कि जम्मू पुलिस ने मादक तस्करी की सप्लाई चेन को तोड़ने में कारगर भूमिका निभाई है। चाहे जम्मू में मादक पदार्थ कश्मीर से आ रहा है या फिर पुंछ राजौरी के रास्ते। जम्मू पुलिस ने भारी मात्रा में मादक पदार्थ को जब्त किया है। कश्मीर से शुरू हुई मादक पदार्थ की चेन को पुलिस ने पंजाब में जाकर तोड़ा है और आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

पिछले वर्ष यहां जम्मू पुलिस ने 350 लोगों को मादक तस्करी के आरोप में दबोचा था। इस वर्ष के पहले आठ माह के भीतर 340 लोगों को पकड़ा गया है। इस दौरान प्रतिबंधित नशीली दवाइयों को बेचने वाले आठ दवा विक्रेताओं के लाइसेंस रद करवाए गए हैं। मादक तस्करी में कई बार पकड़े गए 12 लोगों पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) लगाया गया। डीजीपी ने कहा कि मादक तस्करी को रोकने के लिए मीडिया और समाज सब एकजुट हो रहे हैं।

इस दौरान डीजीपी ने पुलिस के ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर को सुचारू ढंग से चलाने में पुलिस का सहयोग करने वाले समाज सेवी संगठनों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जम्मू पुलिस ने वर्ष 2013 में ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर स्थापित किया था। मौजूदा समय में इस सेंटर की मांग काफी बढ़ी है, जिसके चलते सेंटर का भी विस्तार किया गया है।

Posted By: Rahul Sharma

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