जम्मू, राज्य ब्यूरो: दम तोड़ रहे आतंकवाद को शह देने के लिए दुश्मन सांबा क्षेत्र में सीमा की सुरक्षा में सेंघ लगाने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। सांबा में अंतरराष्ट्रीय सीमा से हाईवे की नजदीकी, रेगाल, आस पास के इलाकों में नदी, नालों के किनारे उगे सरकंडे व कम आबादी के कारण पाकिस्तान रेगाल व आसपास के इलाकों को हाट डेस्टिनेशन बनाने की कोशिश कर रहा है।

पाकिस्तान सीमा पार अपने इलाके की साफ सफाई न कर आतंकवादियों को सरकंडों की आड़ में सीमा के पास आने में मदद करता है। इसके साथ वह गोलीबारी कर सीमा सुरक्षाबल के जवानों को भी अपने इलाके में सफाई करने से रोकता है। यही कारण है कि पाकिस्तान ने करीब दो महीने के संघर्ष विराम की धज्जियां उड़ाते हुए 3 मई को सांबा सेक्टर के रामगढ़ में अपने इलाके में सफाई कर रहे सीमा प्रहरियों पर गोलीबारी कर दी थी।

उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार रेगाल पोस्ट से सांबा में हाईवे तक पहुंचने के लिए करीब दस किलोमीटर सफर करना पड़ता है। इसके साथ बंजर इलाके में रास्ते में छिपने के लिए सरकंडों की कोई कमी नही है। यही कारण है कि पाकिस्तान ने इस इलाके में टनल खोदी थी। इस टनल का पर्दाफाश गत वर्ष 22 नवंबर को हुआ था।

खुफिया एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि घुसपैठियों व ड्राेन से आए हथियारों को आगे पहुंचने के लिए आसानी से हाईवे तक पहुंचना बहुत अहमियत रखता है। देशविराेधी तत्व यह रणनीति कई बार इस्तेमाल कर चुके हैं। उनके सहयोगियों को वीरान इलाके में वाहन खड़ा करने का मौका मिल जाता है। कई बार ऐसे ट्रकों तक पहुंच गए आतंकवादियों को नाकों पर मार गिराया जा चुका है।

आईबी पर घुसपैठ पर पूरी तरह से राेक लगने से आतंकवादियों को गहरा आघात लगा है, ऐसे में दुश्मन सीमा पर सुरंग खोदने व ड्रोन से हथियार भेजने के लिए जी तोड़ प्रयास कर रहा है। ऐसे में वर्ष 2020 के बाद से ड्रोन के भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ के एक दर्जन अधिक मामले सामने आए हैं।

रिमोट कंट्रोल से संचालित ड्रोन का सहारा लेकर पाकिस्तान सिर्फ हथियार ही नहीं बल्कि नशे की खेप भी भारतीय इलाके में पहुंचा जा रहा है। यहां पहले से इस ओर बैठे तस्कर या आतंकियों के मददगार उन्हें उठाकर आगे पहुंचा रहे हैं। पाकिस्तान की इस चाल को बीएसएफ भी अच्छी तरह से समझ चुकी है। और यही कारण है कि अब बीएसएफ जमीन के अलावा आसमान पर भी पूरी तरह से नजर रख रही है।