जागरण न्यूज नेटवर्क, राजौरी/हीरानगर/जम्मू : गुलाम कश्मीर में भारत की जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान हताश व डरा हुआ है। इसलिए पाकिस्तान अब भारत के रिहायशी क्षेत्रों को निशाना बनाने में लगा है। मंगलवार को पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा (एसओसी) पर पुंछ जिले की मेंढर तहसील के बालाकोट सेक्टर कई गांवों में भारी गोलाबारी की, जिसमें एक स्थानीय महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। भारतीय सेना ने भी पाकिस्तान को करार जवाब दिया। सीमा पार भी भारी नुकसान की सूचना है। शाम को पाकिस्तान ने जम्मू जिले के अखनूर के केरी बट्टल सेक्टर में भी गोलाबारी शुरू कर दी। एक मोर्टार मकान के ऊपर गिरा, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय सीमा (आइबी) पर भी पाकिस्तानी रेंजर्स ने कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर के मन्यारी, पानसर, कडियाला समेत कई गांवों को निशाना बनाया। सोमवार रात शुरू हुआ मोर्टार दागने का सिलसिला मंगलवार तड़के चार बजे तक चला। इसके बाद मंगलवार रात पाक रेंजर्स ने फिर गोलाबारी शुरू कर दी। बीएसएफ ने भी पाक रेंजर्स को मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं।

पाकिस्तानी सेना ने दोपहर करीब बारह बजे बालाकोट में डेरी डब्बसी, गोलद, बालाकोट, पंजानी, ब्रूटा आदि गांवों पर अचानक मोर्टार दागने शुरू कर दिए। भी दखे। इस दौरान एक मोर्टार गोलद गांव के एक घर के ऊपर गिरा। इससे फूल जहान पत्नी काला खान घायल हो गई। उसी समय घायल महिला को उप जिला अस्पताल मेंढर में लाया गया, जहां पर उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलेज राजौरी रेफर कर दिया गया। आइबी के आसपास सुरक्षा बढ़ाई, तलाशी अभियान :

हीरानगर सेक्टर में आइबी पर पाक गोलाबारी के बाद जम्मू कश्मीर पुलिस ने भी घुसपैठ की आशंका को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी हैं। एसएसपी श्रीधर पाटिल के निर्देश पर एसडीपीओ चड़वाल रविंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने हरिपुर पंचायत के बठल चक क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया। सुबह छह से आठ बजे तक चले अभियान में तरना नाले के साथ लगते नाले को खंगाला गया, लेकिन कुछ नहीं मिला। वहीं सीमा पर बीएसएफ ने भी चौकसी बढ़ा दी है। सेना ने रिहायशी क्षेत्रों में गिरे तीन मोर्टार किए निष्क्रिय :

भारतीय सेना सीमा पर दुश्मन से लड़ने के साथ सीमावर्ती लोगों की भी सुरक्षा सुनिश्चित बना रही है। मंगलवार को सेना ने पुंछ के खड़ी करमाड़ा क्षेत्र में पाक सेना द्वारा चंद रोज पहले दागे गए मोर्टार बम निष्क्रिय किए। ये मोर्टार फटे नहीं थे और लोगों के खेतों में पड़े हुए थे। इससे लोगों में डर का माहौल था और वह खेतों में काम करने भी नहीं जा रहे थे। इस संबंध में स्थानीय लोगों ने सेना को सूचित किया और फिर सेना के बम निरोधक दस्ते ने गांव में पहुंचकर 120 एमएम के तीन मोर्टार निष्क्रिय कर दिए।

Posted By: Jagran

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