ज्यौड़ियां, संवाद सहयोगी : राजकीय डिग्री कॉलेज ने राज्य में शिक्षा के विस्तार और विकास में महाराजा के योगदान को उजागर करने के लिए "महाराजा हरि सिंह : जम्मू-कश्मीर में आधुनिक और समावेशी शिक्षा के शिल्पकार" विषय पर आनलाइन व्याख्यान का आयोजन किया। यह आयोजन आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत की गई। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। स्वागत भाषण सेमेस्टर पांच के छात्र रोहित ने दिया। उसके बाद विषय की पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी दी।

कार्यक्रम में भाग लेने वालों को महाराजा हरि सिंह के राज्याभिषेक को दर्शाने वाला एक ऑनलाइन दुर्लभ वीडियो भी दिखाया गया, जिसके बाद डॉ. राकेश भारती ने "महाराजा हरि सिंह: जम्मू-कश्मीर में आधुनिक और समावेशी शिक्षा के शिल्पकार" विषय पर एक व्याख्यान दिया। उन्होंने 6-14 वर्ष की आयु वर्ग के बीच मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा, महिला शिक्षा, वयस्क शिक्षा, कला और शिल्प आधारित शिक्षा, सह-शिक्षा और बड़ी संख्या में छात्रवृत्ति प्रदान करने के रूप में महाराजा की पहल, राज्य में पिछड़े वर्गों की शिक्षा को बढ़ावा देना आदि विषयों को विस्तारपूर्वक रखा।

प्रो. नसीब कुमार भगत, एचओडी पर्यावरण विज्ञान ने अपनी समापन टिप्पणी में कहा कि महाराजा की महत्वकांक्षा जम्मू-कश्मीर राज्य को शैक्षिक रूप से आधुनिक और उन्नत राज्य बनाना था। प्राचार्य प्रो. कुलदीप राज शर्मा ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि महाराजा हरि सिंह प्रगतिशील दृष्टिकोण वाले आधुनिक शासक थे। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि महाराजा अच्छी तरह से जानते थे कि शिक्षा सामाजिक गतिशीलता का सबसे बड़ा कारक है।

सामाजिक-आर्थिक समानता लाने के लिए, महाराजा हरि सिंह ने जाति, धर्म, पंथ, लिंग, क्षेत्र आदि के भेदों को खारिज करते हुए राज्य में निरक्षरता के खिलाफ अभियान में ठोस प्रयास किए और सभी वर्गों के उत्थान के लिए विभिन्न सुधारों की शुरुआत की। पांचवें सेमेस्टर की छात्रा रिया शर्मा ने कार्यक्रम की कार्यवाही का संचालन किया और छात्रा मुस्कान मेहरा ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।