श्रीनगर, जेएनएन : ओवरग्राउंड वर्कर से हाल ही में आतंकी बने अनायत अशरफ डार को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में मार गिराया। उसे मुठभेड़ में मारने से पहले सुरक्षाबलों ने कई बार आत्मसमर्पण करने का मौका दिया परंतु उसने हथियार डालने से इंकार कर दिया। दक्षिण कश्मीर के जिला शोपियां के केशवा गांव के रहने वाला 18 वर्षीय अनायत गत बुधवार को अपने ही मुहल्ले के एक दुकानदार जीवर हमीद भट को गोली मारकर फरार हुआ था। दुकानदार गंभीर रूप से घायल है और उसे अस्पताल में उपचाराधीन करवाया गया है। इस हमले के बाद से फरार अनायत की तलाश में सुरक्षाबलों ने रात से ही चित्रीगाम में सर्च ऑपरेशन चलाया हुआ था। 

पुलिस अधिकारियों ने अनायत के मारे जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि पहले आतंकियों के लिए ओवरग्राउंड वर्कर के तौर पर काम करने वाला अनायत नशा तस्करी भी करता था। उसके खिलाफ पुलिस में काफी मामले दर्ज हैं। आतंकी संगठन में विश्वास बनाने के बाद उसे हाल ही में संगठन में शामिल किया गया था। यही नहीं उसे पिस्तौल और कुछ ग्रेनेड भी दिए गए थे। इन्हीं हथियारों के दम पर वह पिछले काफी दिनों से लोगों में अपनी दहशत फैला रहा था। गत बुधवार को जो उसने स्थानीय दुकानदार हमीद भट पर गोली चलाई थी, वह भी इसी तरह का एक मामला था। अनायत अशरफ डार (18) पुत्र अशरफ डार दुकानदार को गोली मारने के बाद वहां से फरार हो गया। और चित्रीगाम इलाके में छिप गया।

चित्रीगाम इलाके में छिपे होने की सूचना के बाद सुरक्षाबलों ने उसको ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सूचना तंत्रों ने सुरक्षाबलों को यह जानकारी भी दी थी कि इलाके में अनायत के साथ दो से तीन और आतंकी भी मौजूद हैं। आज तड़के जब सुरक्षाकर्मी आतंकी के ठिकाने के नजदीक पहुंचे तो उन्होंने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई से पहले सुरक्षाबलों ने आतंकी को आत्मसमर्पण करने के लिए कई बार कहा परंतु उसने हर बार सुरक्षाबलों को इसका जवाब गोली से दिया। इसके बाद सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई में आतंकी को वहीं ढेर कर दिया।

आतंकी का शव अपने कब्जे में लेते हुए सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से एक पिस्तौल व कुछ ग्रेनेड भी बरामद किए हैं। फिलहाल इलाके में और आतंकियों की मौजूदगी की आशंका के चलते सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि अनायत 18 साल का था और कुछ दिन पहले ही वह आतंकियों से जा मिला था।

कश्मीर घाटी में इन नौ महीनों में यह 50वीं मुठभेड़ थी। अभी तक इन मुठभेड़ों में सुरक्षाबलों ने 106 आतंकवादियों को मार गिराया है। हालांकि इतनी कम उम्र के आतंकी को मार गिराने के बाद सुरक्षाबलों को काफी दुख भी है। उन्होंने एक बार फिर परिजनों से गुहार लगाई है कि वे आतंकवाद की राह पर निकले अपने बच्चों को वापस लौटने के लिए कहा। इस काम में सुरक्षाकर्मी पूरा सहयोग देने को तैयार हैं। मुख्यधारा में आने वाले युवा समाज में फिर से बेहतर जीवन जी सकें इसके लिए उनका पूरा सहयोग किया जाएगा।

 

Edited By: Rahul Sharma