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जम्मू-कश्मीर में उमर कैबिनेट का आज होगा विस्तार, पांच मंत्री ने CM को सौंपा इस्तीफा; 3 से 5 नए चेहरों की एंट्री संभव

Published: Tue, 27 Oct 2026 06:00 AM (IST)Updated: Tue, 27 Oct 2026 06:38 AM (IST)

जम्मू-कश्मीर सरकार में बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार होने जा रहा है। पांच मंत्रियों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को इस्तीफे सौंप दिए हैं।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला। फाइल फोटो

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला। फाइल फोटो

HighLights

  1. जम्मू-कश्मीर मंत्रिमंडल में मंगलवार को होगा फेरबदल और विस्तार।

  2. पांच मंत्रियों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को सौंपे अपने इस्तीफे।

  3. नए चेहरों को शामिल करने और कुछ मंत्रियों को हटाने की अटकलें।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर सरकार के मंत्रिमंडल में मंगलवार को बहुप्रतिक्षित व पहला फेरबदल और विस्तार होने जा रहा है। इससे पहले सोमवार को पांचों मंत्रियों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को अपने इस्तीफे सौंप दिए। शपथ ग्रहण से पहले इस घटनाक्रम ने मंत्रियों की कुर्सी और नए चेहरों के चयन को लेकर अटकलें तेज कर दीं।

सरकार में तीन नए मंत्री शामिल होंगे, अगर दो मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी हुई तो पांच नए चेहरों को जगह मिल सकती है। हालांकि, किसे हटाया जाएगा, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सोमवार को कृषि मंत्री जावेद अहमद डार के घर पर हुई एक बैठक ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर असंतोष की अटकलों को हवा दे दी है। सूत्रों के अनुसार, अली मोहम्मद सागर, नजीर गुरेजी, अल्ताफ अहमद कालू और अर्जुन सिंह राजू को मंत्री बनाए जाने की चर्चा है।

मंत्रिमंडल विस्तार से पहले हुई नेकां की बैठक

मंत्रिमंडल विस्तार से पहले मंत्री जावेद अहमद डार के आवास पर नेशनल कान्फ्रेंस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। इसमें उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी, वन एवं पर्यावरण मंत्री जावेद अहमद राणा और परिवहन मंत्री सतीश शर्मा के अलावा मुख्यमंत्री के घनिष्ठों में एक राज्यसभा सदस्य शम्मी ओबराय मौजूद रहे। राजनीतिक हलकों में बैठक को संभावित फेरबदल और दो मंत्रियों को मनाने की कोशिशों से जोड़कर देखा गया।

यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि उपमुख्यमंत्री के अलावा अन्य तीनों मंत्रियों, विशेषकर सतीश शर्मा को बदले जाने पर संगठन के कई नेताओं ने कथित तौर पर जोर दिया है। हालांकि, जावेद डार ने इसे सामान्य मुलाकात बताते हुए कहा कि किसे मंत्रिमंडल में रखना है, यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है।